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नयी दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी ने शनिवार को कहा कि देश में अनेक ‘‘आक्रांता” आए और अपने चिन्ह छोड़ गए जिन्हें देखकर ‘‘वेदना” होती है तथा ऐसे में राम मंदिर का बनना ‘‘राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक” है। जोशी ने कहा, ‘‘अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण केवल आस्था के एक केंद्र या एक और मंदिर की स्थापना नहीं बल्कि देश की अस्मिता और मानव कल्याण से जुड़ा विषय है।”

जोशी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के विषय पर अशोक सिंघल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा, ‘‘देश में अनेक आक्रांता आए और वे अपने चिन्हों को छोड़ गए । उन चिन्हों देखकर वेदना होती है। ऐसा महसूस होता है कि क्या यह देश हमेशा आक्रांताओं से संघर्ष ही करता रहेगा।” उन्होंने कहा, ‘‘ राम मंदिर का बनना राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। ”

संघ के सरकार्यवाह ने कहा, ‘‘ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण केवल एक मंदिर की स्थापना नहीं है। देश में भगवार राम के हजारों मंदिर हैं । इन मंदिरों की श्रृंखला में एक और मंदिर बन जाए, यही केवल अयोध्या आंदोलन का भाव नहीं रहा। ” उन्होंने कहा कि इस मंदिर के संदर्भ में भिन्न दृष्टि से देखने और भगवान राम के जीवन को महसूस करने की जरूरत है जो अनुकरणीय आदर्श हैं । आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण एक नये परिवर्तन की शुरूआत है।