‘आंध्र में हिंदुओं के साथ हो रहा अल्पसंख्यकों जैसा व्यवहार’, सांसद ने की ‘कर्मयोगी’ मोदी से हिंदू आयोग बनाने की मांग

नयी दिल्ली. लोकसभा में वाईएसआर कांग्रेस के असंतुष्ट सदस्य के रघुराम कृष्ण राजू ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश में हिंदू मंदिरों को लेकर नियमों में बदलाव किये जा रहे हैं और उन्होंने इस विषय पर ध्यान देने के लिए एक धार्मिक आयोग के गठन की मांग की।

राजू ने शनिवार को शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में इस समय हिंदू मंदिरों के संबंध में ‘कंस्ट्रक्टिव डिस्ट्रक्शन’ चल रहा है।

उन्होंने कहा कि इस विषय को देखने के लिए ईसाई आयोग या मुस्लिम आयोग की तरह एक धार्मिक आयोग या हिंदू आयोग होना चाहिए। राजू ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि केवल एक कर्मयोगी ही इस मुद्दे को देख सकते हैं।

उन्होंने कहा, “अन्यथा हमारे राज्य में अत्याचार हो रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंदू बहुसंख्यक हैं, लेकिन हमें अल्पसंख्यक की तरह देखा जा रहा है।

राजू ने आरोप लगाया कि तिरुपति के पास तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध मंदिर में सदियों पुराने नियमों को केवल एक व्यक्ति के लिए बदलने का प्रयास किया जा रहा है। समझा जाता है कि उनका परोक्ष इशारा तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी के बयान की ओर था कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी को मंदिर के दौरे के समय भगवान वेंकटेश्वर में आस्था जताते हुए अनिवार्य घोषणापत्र पर दस्तखत करने की जरूरत नहीं है। नियम के अनुसार मंदिर दौरे पर आए किसी गैर-हिंदू को घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने होते हैं। (एजेंसी)