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    नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronaviru Pandemic) से पूरी दुनिया परेशान है। वैक्सीन तो बाजार में आ गई है। अमेरिका , ब्रिटेन जैसे अन्य कई देश ने कोरोना की वैक्सीन बनाई है। कोरोना संकट के बीच अब एक बड़ी खबर है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रॉयल किया जा रहा है। क्योंकि ये कोरोना वायरस की यह वैक्सीन मरीजों को नाक के जरिये दी जाएगी।
     
    कोरोना वायरस का संक्रमण नाक और मुंह से फैलता है इसलिए पुरे देश में मास्क कोविड से बचने के लिए एक बेहतर उपाय है, सभी लोग मास्क का उपयोग कर रहे है जिससे वो कोरोना के संक्रमण से बच सके, क्योंकि कोरोना के कीटाणु नाक से अंदर जाकर सीधे फेफडों में फैल जाते है, इसी को देखते हुए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी  के शोधकर्ताओं ने कोरोना की वैक्सीन पर ट्रायल शुरू किया है जो नाक के जरिये मरीजों को दी जाएगी। शोधकर्ताओं का मानना हैं की कोरोना का संक्रमण नाक के जरिये स्वास के साथ फेफड़ों में जाता हैं इसलिए कोरोना वायरस की वैक्सीन को भी नाक के स्प्रे या इन्हेलर के जरिये फेफड़ो तक पहुचांया जायेगा , जिसे यह जल्दी सीधे फेफड़ो में जाकर वायरस को अटैक करेगा।
     
    ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने ये भी ये बताया कि वैक्सीन इन्हेलर की तरह या नाक के स्प्रे की तरह अंदर जाकर कितना प्रभावी साबित होगा या नहीं इसके लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस वैक्सीन के परीक्षण  के लिए 18 से लेकर 40 साल के उम्र वाले  30 वॉलिंटियर्स को लिया हुआ है जिस पर ये कोरोना वैक्सीन का टेस्ट नाक के जरिए कर रहे हैं। जो की पूरे विश्व के सभी देशों के लोगों के लिए वायरस से बचने के लिए एक उम्मीद लेकर आया है जिससे सभी लोग कोविड से बचेंगे।