62 लाख से ज्यादा लोग हुए ठीक, रिकवरी रेट पहुंचा 87 प्रतिशत

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया. जिसमें जानकरी देते स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने कहा, “भारत में अब तक 62,27,295 लोग कोरोना से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं. यह संख्या विश्व में सबसे ज्यादा है. सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज़ की गई है. सितंबर के मध्य 10 लाख सक्रिय मामले देश में थे अब यह घटकर 8,38,000 हो गए हैं.”

रिकवरी रेट हुए 87 प्रतिशत 

राजेश भूषण ने कहा, “लगभग 87% लोग रिकवर हो चुके हैं, 11.69% सक्रिय मामले हैं और 1.53% मृत्यु के मामले हैं. 9 से 15 सितंबर तक देखें तो देश में हर दिन 92 हज़ार नए मामले सामने आ रहे थे। 7 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच प्रतिदिन 70,114 नए मामले सामने आए हैं.”

10 राज्यों में 79 प्रतिशत मामले 

स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “10 राज्य ऐसे हैं जिनमें कुल मामलों के 79% मामले हैं। 2 हफ्ते पहले तक केरल 10 राज्यों में भी नहीं था अब वह तीसरे नंबर पर है.” उन्होंने कहा, “देश के कुल मामलों के 11% केरल में हैं, 25% से कुछ अधिक महाराष्ट्र में हैं और 13% से कुछ अधिक कर्नाटक में हैं। इन राज्यों के साथ हम अलग से विस्तृत बैठक करते हैं.”

कोरोना के खिलाफ जन आन्दोलन

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा, “हमने एक गहन अभियान शुरू करने का फैसला किया है, कोरोना वायरस के उचित व्यवहार के लिए जन आंदोलन दो महीने, अक्टूबर और नवंबर तक जारी रहेगा और फिर यह मार्च तक विभिन्न रूपों में जारी रहेगा.”

कोरोना से अधिक सावधान रहना होगा 

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, “कोरोना वायरस के प्रभाव में स्थिरता है. हमें अपनी स्वच्छता प्रथाओं में अधिक सावधान रहना होगा क्योंकि यह एक श्वसन वायरस है और अधिकांश श्वसन वायरस सर्दियों के दौरान बढ़ जाते हैं. व्यवहार परिवर्तन आवश्यक है, मास्क अनिवार्य हैं.”

घर में बने मास्क ज्यादा फायदेमंद

नीति आयोग सदस्य ने कहा, “COVID19 के संचरण को रोकने के खिलाफ तीन-प्लाई मास्क और घर का बना मास्क फायदेमंद होते हैं. अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए N95 मास्क फायदेमंद होते हैं, जबकि सर्जिकल मास्क सामान्य अभ्यास में प्रभावी होते हैं.”