देश में 4.5 लाख से ज्यादा को लगा कोरोना टीका, 7 महीने में सबसे कम मामले

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus ) को लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने कहा, “देश में सक्रिय मामलों की संख्या 2 लाख हो गई है जो लगातार कम हो गई है। प्रतिदिन मौतों की संख्या अब 140 है। पिछले सात महीने में यह सबसे कम मामले हैं।”

दो राज्यों में सबसे ज्यादा मामला 

स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “देश में सिर्फ 2 राज्यों में 50,000 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। केरल में 68,000 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। महाराष्ट्र में 51,000 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं।” 

अभी तक 4,54,049 लोगों को वैक्सीन

राजेश भूषण ने कहा, “देश में टीकाकरण की शुरुआत हो गई है। आज सुबह तक देश में 4,54,049 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। टीकाकरण के बाद 0.18% प्रतिकूल घटनाएं हुईं और 0.002% लोग टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती हुए। ये पहले तीन दिनों में दुनिया में काफी कम और सबसे कम हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “USA में पहले हफ्ते में 5,56,208 लोगों को वैक्सीनेट किया गया। हम 3 दिन में यह नंबर पार कर लेंगे। UK में पहले हफ्ते 1,37,897 लोगों को वैक्सीनेट किया गया। रूस में पहले हफ्ते 52,000 लोगों को वैक्सीनेट किया गया। “

टीका पूरी तरह सुरक्षित 

वैक्सीन की सुरक्षा पर उठाए जा रहे सवाल पर राजेश भूषण ने कहा, “प्रतिकूल प्रभाव और गंभीर समस्याओं के बारे में चिंताएं, अब तक, बेमानी लगती हैं। डेटा बताते हैं कि हम एक आरामदायक स्थिति में हैं और हम आपको आश्वस्त करना चाहेंगे कि दोनों कोरोना के टीके सुरक्षित हैं।”

प्रतिकूल प्रभाव पर संस्था उठाएगी खर्चा 

स्वास्थ्य सचिव ने कहा, “दोनों वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल के बाद इसे आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इस दौरान तैयार किए गए दस्तावेज़ में यह निर्देशित किया गया है कि टीका लगने के बाद यदि कोई प्रतिकूल प्रभाव टीका लगवाने वाले व्यक्ति पर दिखता है तो अस्पताल का पूरा खर्च वैक्सीन बनाने वाली संस्था उठाएगी।”

टीका लगवाकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं 

नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा, “यदि आप को दिया गया टीका नहीं लिया जा रहा है तो हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहे हैं। पूरी दुनिया वैक्सीन के लिए ताली बजा रही है। मैं डॉक्टरों और नर्सों से टीका स्वीकार करने का अनुरोध करता हूं।”

उन्होंने कहा, “हम उन आंकड़ों के साथ आश्वस्त करना चाहते हैं जो हमने देखे हैं कि दोनों टीके सुरक्षित हैं। वैक्सीन की हिचक खत्म होनी चाहिए। हम महामारी को कैसे हराएंगे?”