कोरोना वायरस: मदद के साथ साथ राजनीति भी उफान पर

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का बड़ी तेजी के साथ पूरे देश में फैल रहा हैं. जिसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लगा दिया हैं. प्रधानमंत्री के इस निर्णय को

नई दिल्ली: कोरोना वायरस का बड़ी तेजी के साथ पूरे देश में फैल रहा हैं. जिसको देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से देश में 21 दिनों का लॉक डाउन लगा दिया हैं. प्रधानमंत्री के इस निर्णय को जनता के साथ विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला है. लेकिन धीरे धीरे अब इसका विरोध करना शुरू कर दिया हैं. 

बिना सोचे समझे लॉक डाउन लगाया: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने शनिवार को ट्वीट कर लॉक डाउन का विरोध करते हुए कहा, " केंद्र सरकार ने बिना सोचे समझे लॉक डाउन लगाया है. हमारे सभी आशावाद के लिए, कड़वा सच यह है कि भारत में कोरोना वायरस से लड़ने के लिया और बेहतर बेहतर होने की जरूरत है ना की लॉक डाउन से." उन्होंने कहा," मौजूदा वक़्त में एक करोड़ लोगों में सिर्फ दस की जाँच होना और कोरोना से लड़ने के लिए उपचार की सुविधा नहीं होना. भारत इससे अच्छा का हकदार हैं. " 

लॉक डाउन से कोरोना नहीं होने का क्या प्रमाण?
यह पहला मौका नहीं हैं जब प्रशांत किशोर ने लॉक डाउन का विरोध किया हैं. इसके पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय पर सवाल उठते हुए कहा था कि, " लॉक डाउन का क्या कोई वैज्ञानिक प्रमाण है जिससे की 21 दिनों के अंदर कोरोना से जंग जीता जा सकता हैं? बिना किसी टेस्ट, आइसोलेशन और चिकित्सा से कोरोना कैसे रुकेगा. इसी के साथ उन्होंने लॉक डाउन को लोगों की जिंदगी और रोजी रोटी बर्बाद करने वाला निर्णय बताया था. 

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस पार्टी ने लॉक डाउन का पहले समर्थन किया था. लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद वह अपने समर्थन से पलटती दिख रही हैं. कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा हैं.  उन्होंने लॉक डाउन के दौरान पलायन कर रहे लोगों के मुद्दे पर सरकार को निशाना बनाते हुए कहा, " लॉक डाउन के बाद हजारों परिवार पैदल युपी और बिहार जाने को तैयार हैं. कह रहे करोना नही तो भूख से मर जाएँगे। क्या इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कोई जबाब नही?."

प्रधानमंत्री नाकाम, दें इस्तीफा: रावण 
भीम सेना प्रमुख चन्द्रशेखर उर्फ़ रावण ने प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगा हैं. उन्होंने कहा, " प्रधानमंत्री मोदी कोरोना को रोकने में पूरी तरह विफल हुए हैं. जिस दौरान उन्हें इसपर कार्यवाही करना चाहिए था उस वक़्त वह ट्रम्प का स्वागत और मध्यप्रदेश में सत्ता पाने में बीजी थे. उन्हें तुरंत अपना इस्तीफा देना चाहिए."