High court should quickly decide on Tamil Nadu petition for OBC quota in medical admissions: Court

नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने रविवार को एक अत्यावश्यक सुनवाई के दौरान राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 29 और 30 जून को कराई जा रही, 10वीं की बची हुई दो परीक्षाओं को रद्द किये जाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए एक वकील ने यह जानकारी दी।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुए सुनवाई में माघी देवी नाम की महिला द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता और प्रदेश सरकार का पक्ष सुनने के बाद न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया।

न्यायालय एक परीक्षार्थी की मां माघी देवी द्वारा दायर राजस्थान उच्च न्यायालय के 29 मई के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उच्च न्यायालय ने भी राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कराई जा रही बची परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में कहा गया कि 29 और 30 जून को होने जा रहे 10वीं कक्षा के दो बचे हुए पर्चो में 11,86,418 छात्रों के शामिल होने की संभावना है।

कोविड-19 के खतरे के मद्देनजर परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई थी। इसमें कहा गया कि बोर्ड ने आखिरी परीक्षा 18 मार्च को आयोजित की थी जिसके बाद महामारी और राष्ट्रव्यापी बंद के मद्देनजर इसे स्थगित कर दिया गया था। याचिका में यह भी कहा गया था कि परीक्षा केंद्रों के तौर पर निर्दिष्ट करीब 120 विद्यालयों को प्रवासी कागमारों द्वारा अपने मूल निवास जाने के दौरान पृथकवास केंद्र के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया। (एजेंसी)