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नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र और आप सरकार से उस जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को जवाब मांगा जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में बेघर मानसिक रोगियों की कोविड-19 के लिए जांच करने के वास्ते दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने केन्द्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए याचिका पर दोनों से जवाब मांगा है। इस मामले में अब नौ जुलाई को आगे सुनवाई होगी। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने यह जनहित याचिका दायर की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार खासतौर से, मुख्य सचिव, ने बेघर मानसिक रोगियों के स्वास्थ्य के मुद्दों से निपटते वक्त ‘‘लापरवाही वाला रुख” अपनाया। याचिका में दावा किया गया है कि दिल्ली सरकार ने बेघर मानसिक रोगियों की कोविड-19 जांच कराने के संबंध में दिशा निर्देशों न होने को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने नौ जून को दिल्ली सरकार को कानून, नियमों और सरकार की नीति के अनुसार बेघर मानसिक रोगियों के संबंध में एक अन्य जनहित याचिका में उनके द्वारा उठाए मुद्दों को हल करने का निर्देश दिया था। याचिका के अनुसार 13 जून को उन्होंने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को राष्ट्रीय राजधानी के उन बेघर मानसिक रोगियों को इलाज मुहैया कराने के लिए प्रतिवेदन भेजा था जिनके पास निवास का कोई प्रमाण नहीं है।(एजेंसी)