Relieving news: Number of people recovering from infected for the first time

नयी दिल्ली. देश में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सबसे ज्यादा करीब नौ हजार मामले सामने आए और इसके साथ ही इस महामारी के मामलों की कुल संख्या दो लाख सात हजार के पार पहुंच गई है। देश में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है और इनका आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया है। जांच की सुविधा में भी खासा इजाफा हुआ है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और दिल्ली जैसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, नगालैंड, मिजोरम और सिक्किम समेत कुछ पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मामले लगातार मिल रहे हैं। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और केरल भी उन राज्यों में शामिल हैं जहां कोविड-19 से संक्रमित और लोग मिले हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सुबह जारी किए गए अपडेट में बताया गया कि मंगलवार सुबह आठ बजे के बाद से संक्रमण के 8,909 नए मामले सामने आए जिससे पीड़ितों की संख्या बढ़कर 2,07,615 पहुंच गई है जबकि इसी दौरान 217 लोगों की महामारी से मौत की वजह से मृतकों की कुल संख्या 5,815 हो गई। मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 का इलाज करा रहे लोगों की संख्या इस समय एक लाख एक हजार से ज्यादा है जबकि कम से कम 1,00,032 लोग बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं जिससे मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 48 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। अमेरिका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली के बाद भारत कोविड-19 महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित सातवां देश है। भारत में संक्रमितों का आंकड़ा मंगलवार रात को दो लाख के पार पहुंच गया था जिनमें से करीब एक लाख नए मामले बीते 15 दिनों में सामने आए। भारत में कोविड-19 का पहला मामला 31 जनवरी को सामने आया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि देशभर में कोविड-19 की जांच 40 लाख के पार हो चुकी है जबकि रोजाना 480 सरकारी और 208 निजी प्रयोगशालाओं के जरिये करीब एक लाख 40 हजार नमूनों की जांच की जा रही है। सूत्रों ने कहा कि इस क्षमता को और बढ़ाकर प्रतिदिन दो लाख जांच करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी आने वाले ऐसे लोगों के घर में पृथक रहने की अनिवार्य 14 दिन की अवधि को घटाकर सात दिन कर दिया है, जिनमें लक्षण दिखाई नहीं देते। पिछले साल कर्नाटक सरकार ने भी महाराष्ट्र को छोड़कर दूसरे राज्यों से राज्य में आने वाले लोगों के घरों में पृथक रहने की अवधि को घटाकर सात दिन कर दिया था। हालांकि इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, चेन्नई और हैदराबाद समेत देश के 75 बुरी तरह प्रभावित शहरों से आने वाले ऐसे लोगों के लिए 14 दिन की पृथक-वास अवधि को बढ़ाकर 21 दिन कर दिया। इस बीच, हैदराबाद में कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने देश में कोरोना वायरस में एक विशिष्ट लक्षण की पहचान की है, खासकर तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों में।

भारत में 41 प्रतिशत जीनोम अनुक्रम में मिले विषाणु की आबादी के इस विशिष्ट समूह को उन्होंने ‘क्लेड ए3आई’ नाम दिया है। सीसीएमबी ने ट्वीट किया, “भारत में सार्स-सीओवी2 के प्रसार के जीनोम अनुक्रम का एक नया पूर्वमुद्रण मिला है। नतीजे विषाणुओं की आबादी के एक खास समूह को दर्शाते हैं जो अब तक अचिन्हित था, भारत में यह काफी मात्रा में मौजूद है-जिसे क्लेड ए3आई कहा जाता है।” इसमें कहा गया , “ऐसा लगता है कि इस समूह की उत्पत्ति फरवरी 2020 में प्रसार के दौरान हुई होगी और यह भारत में फैला होगा। सार्स सीओवी2 के भारत के सभी जीनोम नमूनों के 41 प्रतिशत नमूनों में इसकी पुष्टि हुई है और दुनिया भर की बात करें तो 3.2 प्रतिशत नमूनों में यह मिला है।” सीसीएमबी वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तहत आने वाली एक प्रयोगशाला है। दक्षिण भारतीय राज्यों में, केरल में एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 86 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 1,494 हो गई है। नए संक्रमित पाए गए लोगों एक डॉक्टर और चार स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। राज्य में 1.6 लाख लोगों को निगरानी में रखा गया है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कोविड-19 समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों के बताया कि नए संक्रमित पाए 53 लोग विदेश से लौटे थे जबकि 19 अन्य लोग राज्य के ही निवासी हैं। तमिलनाडु में भी बुधवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 1,286 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 25,872 हो गई। इसके अलावा 11 लोगों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 208 पर पहुंच गई है। तेलंगाना में हैदराबाद के सरकारी अस्पताल के चार डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उत्तर भारत में, हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ किन्नौर जिले में पहली बार कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आए हैं। दिल्ली से लौटे दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। राज्य में लाहौल-स्पीति को छोड़कर 12 में से 11 जिलों में संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड सरकार के एक बुलेटिन के अनुसार राज्य में कोविड-19 संक्रमण के 23 और मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 1,066 हो गई है। संक्रमित पाए गए लोग दिल्ली , मुंबई और अलीगढ़ से लौटे थे।

नगालैंड में नौ और लोग संक्रमित पाए गए हैं। वे सभी पिछले महीने श्रमिक विशेष ट्रेनों से राज्य में लौटे थे। सिक्किम में दिल्ली से लौटा एक व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है। यह राज्य में संक्रमण का दूसरा मामला है। मेघालय और मिजोरम में भी संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। असम में कोरोना वायरस संक्रमण के 111 और ओडिशा में 143 मामले सामने आए हैं। कर्नाटक में 367 जबकि मध्य प्रदेश में 168 नए मामले सामने आए। गुजरात में 485 और लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की संख्या 18,117 हो गई है। 30 लोगों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या 1,122 हो गई है। कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे अधिक 122 लोगों की मौत हुई है। मृतकों की संख्या 2,587 हो गई है। 2,560 लोगों के संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की संख्या 74,860 हो गई है। करीब 1,000 लोगों को छुट्टी दी गई है। दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने और सभी कोविड-19 अस्पतालों की तैयारियां का जायजा लेने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। इस बीच, एम्स में कामकाज के हालात को लेकर नर्स यूनियन का प्रदर्शन बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। एम्स में अबतक 47 नर्सों सहित 329 कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित पाए जा चुके हैं। यूनियन ने एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया को पत्र लिखकर काम करने के घंटे तय करने समेत कई मांगे रखी हैं। एजेंसी