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नयी दिल्ली. कांग्रेस नेतृत्व की ओर से संगठन में किए गए व्यापक बदलाव के जरिए दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh), सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) और तारिक अनवर (TariqAnwar) समेत कई ऐसे नेताओं की पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में वापसी हुई है जो लंबे समय से 24-अकबर रोड (पार्टी मुख्यालय) पर सक्रिय भूमिका में नहीं थे।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का पुनर्गठन किया तो इन नेताओं के साथ ही राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी, पवन कुमार बंसल और कुछ अन्य नेताओं ने लंबे समय बाद संगठन में सक्रिय भूमिका का आगाज किया। वैसे, पार्टी नेताओं का मानना है कि नयी टीम में अनुभव और युवा नेताओं के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया गया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इस फेरबदल के बारे में कहा, ‘‘अनुभवी और युवा नेताओं के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया गया है।

अब यह उम्मीद की जानी चाहिए कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस का संगठन मजबूत होगा और इसके परिणाम चुनावों में भी दिखेंगे।” कभी राहुल गांधी के करीबियों में शुमार किए गए और पार्टी के प्रभावशाली महासचिव रहे दिग्विजय सिंह ने सीडब्ल्यूसी के बतौर स्थायी आमंत्रित सदस्य एक बार फिर से राष्ट्रीय संगठन में वापसी की है। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद 2018 में उन्हें महासचिव पद से मुक्त किया गया था। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय संगठन में कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे थे।

अब उन्हें भी सीडब्ल्यूसी में स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। कभी कांग्रेस छोड़कर शरद पवार के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाने वाले तारिक अनवर ने कांग्रेस संगठन में महासचिव के तौर पर लंबे समय बाद वापसी की है। वह 2019 के लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले राकांपा छोड़कर कांग्रेस में वापस आए थे।

इसके साथ ही, राजीव शुक्ला को हिमाचल प्रदेश, पवन कुमार बंसल को पार्टी प्रशासन का प्रभारी बनाया है तो उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी को सीडब्ल्यूसी में स्थायी आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया है। जहां एक तरफ, कई वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में वापसी की है तो इस फेरबदलव में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की स्पष्ट छाप दिखती है। उनके करीबी माने जाने वाले कई नेताओं को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।

राहुल गांधी के करीबियों में शुमार पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का महासचिव, कर्नाटक का प्रभारी और सोनिया गांधी के सहयोग के लिए बनी विशेष समिति का सदस्य बनाया गया है। राहुल के पसंदीदा माने जाने वाले मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। राहुल के करीबियों में शुमार मणिकम टैगोर और दिनेश गुंडूराव को प्रभारी की भमिका दी गई है।