Corona virus: Kashmiri students stranded in Madhya Pradesh plead for help to return home

बेंगलुरु. मध्य प्रदेश की सियासत दिन ब दिन गरमाती जा रही है। इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने

बेंगलुरु. मध्य प्रदेश की सियासत दिन ब दिन गरमाती जा रही है। इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। इस याचिका में उन्होंने बेंगलुरु में ठहरे कांग्रेस विधायकों से मुलाकात कराने की स्थानीय पुलिस को निर्देश देने की मांग की थी।

बुधवार को दिग्विजय सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि, मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें बंगलूरू में मौजूद मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों से मिलने की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मैंने उपवास पर रहने का फैसला किया है और उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले के बाद ही इस पर विचार करूंगा। 

इस बीच सभी बागी विधायकों ने बेंगलुरु ने प्रेस कांफ्रेंस कर के स्पष्ट किया कि उनको दिग्विजय सिंह से नहीं मिलना है। इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक पुलिस सुरक्षा की मांग की है। 

भाजपा नेता और मध्य प्रदश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दिग्विजय सिंह पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि, "विधायकों ने आज फिर स्पष्ट किया है कि, हम न दिग्विजय सिंह से मिलना चाहते है न किसी से मिलना चाहते है। अब दिग्विजय सिंह ड्रामेबाज है जब भोपाल में नहीं चली तो अब बेंगलुरु में ड्रामा कर रहे है। विधयकों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। और इसलिए वे नाटक न करें, फ्लोर टेस्ट करवाए।"

सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ रणनीति के तहत फ्लोर टेस्ट टालने में लगे हुए है। ताकि उन्हें अपनी सरकार बचाने के लिए कोई और उपाय नजर आए।