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 नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह (Shabir Shah) की पत्नी बिलकिस शाह (Bilkis Shah) को एक मामले में धन शोधन का आरोपी बनाया है। साल 2005 का धनशोधन का यह मामला आतंकवादी गतिविधियों का कथित रूप से वित्त पोषण करने और जम्मू कश्मीर में अशांति फैलाने को लेकर शब्बीर शाह और कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी से जुड़ा है।

ईडी ने अपने पूरक आरोप पत्र में बिलकिस को आरोपी बनाया है। यह आरोप पत्र बुधवार को दायर किया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा 10 नवंबर को मामले पर सुनवाई करेंगे। विशेष लोक अभियोजक एन के माट्टा और राजीव अवस्थी के जरिए दायर इस आरोप पत्र में ईडी ने कहा है कि बिलकिस शाह ने शब्बीर शाह के साथ मिलकर वानी से 2.08 करोड़ रुपये लिए। एजेंसी ने कहा कि यह दावा मामले में वानी के खुलासे पर आधारित है, जिसमें उसने स्वीकार किया है कि ” पूरी रकम नकद थी और शब्बीर शाह तथा तीन अवसरों पर डॉ बिलकिस शाह” को दी गई है।

ईडी ने कहा, ” उन्होंने (बिलकिस ने) यह जानते हुए यह रकम ली कि उनके पति के पास आय का कोई ज्ञात स्रोत नहीं था और यह राशि जायज तरीके से हासिल नहीं जा सकती है।“ उसने कहा, “ इससे साफ समझा जा सकता है कि डॉ बिलकिस शाह शब्बीर शाह की अवैध आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त थी।” ईडी ने कहा कि बिलकिस शाह ने अपने मासिक खर्चों में, बेटी की शिक्षा में, गाड़ियों के रखरखाव में और निवेश करके आय के स्रोतो से अधिक खर्च किया। एजेंसी ने कहा कि इससे साबित होता है कि उन्हें हासिल हुए अवैध धन को खर्चों को पूरा करने तथा निवेश करने में खर्च किया गया। ईडी ने कहा कि शब्बीर शाह और उनकी पत्नी बिलकिस शाह ने आपराधिक गतिविधियों के जरिए पाकिस्तान से हवाला द्वारा बड़ी रकम प्राप्त की और अचल तथा अचल संपत्तियों को खरीदने में इस राशि का इस्तेमाल किया।

साथ इसी रकम से अपने लाइफस्टाइल के खर्चे भी पूरे किए। ईडी ने इसे अपराध से हासिल संपत्ति बताया है। आरोप पत्र में कहा गया है कि डॉ बिलकिस शाह पीएमएलए की धारा तीन के तहत धनशोधन की दोषी हैं, क्योंकि वह अपराध से अर्जित संपत्ति हासिल करने, उसे छुपाने, कब्जे में लेने और संपत्ति को वैध बताने में शामिल हैं। लिहाजा डॉ बिलकिस को अनुपूरक शिकायत (ईडी के आरोप पत्र के समानांतर) में अतिरिक्त आरोपी बनाया गया है।

ईडी ने कहा “शब्बीर शाह आरोप पत्र में मुख्य आरोपी है और उसने जम्मू कश्मीर में अशांति फैलाने के नापाक मंसूबे को आगे बढ़ाने के लिए भारत के बाहर से अवैध धन हासिल करके धन शोधन की पूरी साजिश रची।“ आरोप पत्र में कहा गया है, “ शब्बीर अहमद शाह वैश्विक आतंकवादी और जमात उद दावा के प्रमुख हाफीज सईद के लगातार संपर्क में रहा। वह पाकिस्तान में रहने वाले मोहम्मद शफी शायर के संपर्क में भी रहे जिसका पाकिस्तानी फोन नंबर उसने असलम वानी को दिल्ली में उसकी तरफ से अपराध की रकम हासिल करने के लिए दिया। “ शब्बीर शाह दिल्ली में पाकिस्तान से अपराध का पैसा हासिल करने के लिए और फिर उस रकम को उसतक या उसकी पत्नी बिलकिस शाह तक पहुंचाने के लिए वानी की सेवा कमीशन के आधार पर ली। साथ में खर्चों का भुगतान भी किया।

ईडी ने कहा वानी दिल्ली में पाकिस्तान से हवाला के जरिए आए पैसे को लेता था और शब्बीर शाह के निर्देश पर इसे श्रीनगर ले जाता था जिसके लिए शब्बीर शाह उसे भुगतान करता था। आरोप पत्र धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धारा तीन और चार के तहत दायर किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया था कि शब्बीर शाह ने दिल्ली से हवाला का पैसा लेकर श्रीनगर में उसे देने के लिए वानी को कमीशन के आधार पर उसके लिए काम करने को कहा था।

यह मामला अगस्त 2005 का है जिसमें दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने वानी को गिरफ्तार किया था और उसके पास से 62.96 लाख रुपये नकद, पांच किलोग्राम विस्फोटक, एक पिस्तौल और 15 कारतूस बरामद किए गए थे। वानी ने दावा किया था कि उसने श्रीनगर में शब्बीर शाह को 52,96,000 रुपये देने थे, बाकि के 10 रुपये जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों को दिए जाने थे। ईडी ने बताया कि वानी ने कहा है कि शब्बीर शाह पाकिस्तान में बैठे कुछ हवाला ऑपरेटरों समेत हवाला ऑपरेटरों को निर्देश दे रहा था कि दिल्ली में उसे पैसे दिए जाएं। वानी ने तब दावा किया था कि उसने शाह को 2.25 करोड़ रुपये दिए हैं, जिसके बाद ईडी ने 2007 में दोनों के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था।