आज शरद पवार, राहुल गांधी समेत पांच बड़े नेता राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली. मोदी सरकार (PM Narendra Modi) द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों (Agriculture Law) के खिलाफ देश भर के किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी बीच, मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए बुधवार को शरद पवार (Sharad Pawar) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ पांच दलों के बड़े नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) से मिलने वाले है। वामपंथी नेता सीताराम येचुरी (Sitaram Yechuri) भी इन नेताओं में शामिल होंगे। पांचों नेता कल शाम 5 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे। कोविड प्रोटोकॉल (Covid-19 protocol) के कारण राष्ट्रपति ने केवल पांच नेताओं को मिलने की अनुमति दी है। (five big leaders including Sharad Pawar, Rahul Gandhi will meet the President ramnath kovind )

सीताराम येचुरी के अनुसार, राष्ट्रपति के साथ होने वाली बैठक कृषि कानून पर होगी। किसान पिछले 13 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए किसान कड़ाके की ठंड में विरोध कर रहे हैं। वहीं आज किसान संघठनों ने भारत बंद का ऐलान भी किया था। इस बंद को कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, वाम दलों और शिवसेना समेत कई दलों का समर्थन मिला था।  इसलिए अब कृषि कानूनों पर हल निकालने के लिए कल राष्ट्रपति से चर्चा की जाएगी। 

गौरतलब है कि, पिछले 13 दिनों से मोदी सरकार द्वारा लागू किये गए तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए किसान आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली की सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने भी भाग लिया। किसानों की कृषि मंत्री के साथ अब तक दो चर्चाएँ हुई हैं। तीसरे दौर की चर्चा कल दोपहर को होने वाली है। हालाँकि, पिछली चर्चाओं से अभी तक कोई हल नहीं निकला है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, सरकार कानून निरस्त करती है या किसान सरकार की बात सुनेंगे।

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार शाम पांच बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, द्रमुक के एक प्रतिनिधि, भाकपा के महासचिव डी राजा और येचुरी शामिल होंगे।

येचुरी ने कहा, ‘‘हम पांचों लोग राष्ट्रपति से भेंट करने से पहले बैठक करेंगे और अपनी रणनीति तय करेंगे। हमने सभी विपक्षी नेताओं से बात की है और अगले कदम को लेकर फैसला किया है। कोविड-19 की स्थिति के कारण प्रतिनिधिमंडल में पांच सदस्य ही होंगे, हालांकि हम कोशिश करेंगे कि कुछ और नेताओं को इसमें शामिल होने दिया जाए। ऐसी स्थिति में हमें नेताओं को दिल्ली बुलाना होगा क्योंकि वे अपने संबंधित राज्यों में हैं।”

भाकपा के महासचिव डी राजा ने भी पुष्टि की है कि प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। शरद पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करने के पहले (कृषि कानूनों का विरोध करने वाले) विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता बैठक कर चर्चा करेंगे और सामूहिक रुख अपनाएंगे।” विपक्षी दलों की बैठक से इनकार किया गया क्योंकि अधिकतर नेता दिल्ली में नहीं हैं। कांग्रेस समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों ने किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है । 

कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था। सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी।