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नयी दिल्ली. मोदी सरकार (Narendra Modi)  द्वारा लाये गए विवादस्पद कृषि कानूनों (Agriculture Bill) के खिलाफ आज किसान आंदोलन (Farmers Protest) का 50वां दिन शुरू है। इसी बीच आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की तरफ से एक्सपर्ट कमेटी बनाने के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच आगामी शुक्रवार को होने वाली 10वें दौर की बातचीत पर फिलहाल संशय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बीते बुधवार को मोदी सरकार ने मीटिंग को लेकर सीनियर अफसरों और वकीलों से चर्चा की है। वकीलों की सलाह और सभी कानूनी पहलुओं पर विचार के बाद ही आज इस पर अंतिम फैसला मोदी सरकार लेगी ।

गौरतलब है कि आगामी 15 जनवरी को यानी कल सरकार और किसानों के बीच बातचीत होनी है। इस पर किसानों ने कहा है कि वे सरकार से बातचीत करने को तैयार हैं। लेकिन, किसान जत्थेबंदियों ने साफ किया कि वे किसी भी सूरत में सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से बात नहीं करेंगे। इसके साथ ही किसान नेता हरमीत सिंह कादियां ने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया है कि आगामी 18 जनवरी को महिलाएं देशभर में हर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगी।

गौरतलब है कि बीते बुधवार को कृषि कानूनों (Agriculture Bill) का विरोध कर रहे किसान संगठनों (Farmer Organizations) ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी (Lohari Festival) का उत्सव मनाया। पहले से ऐलान किए गए कार्यक्रम के अनुसार किसान संगठनों ने सिंघु (Singhu), टिकरी (Tikri) और गाजीपुर बॉर्डर (Gajipur Border) पर एक लाख से ज्यादा कृषि कानूनों की प्रतियां को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान सरकार के विरोध में नारे बाजी भी की गयी। 

वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता  राकेश टिकैत का कहना था कि, “आंदोलन में कोई देश विरोधी बातें कर रहा है तो सरकार उसे तुरंत गिरफ़्तार करे। कृषि क़ानून कैसे ख़त्म हो सरकार इस पर काम करे। सरकार ने 10 साल पुराने ट्रैक्टर पर बैन लगाया है तो हम 10 साल पुराने ट्रैक्टर को दिल्ली की सड़कों पर 26 जनवरीको चलाकर दिखाएंगे।”