किसान का आंदोलन (Photo Credits-ANI Twitter)
किसान का आंदोलन (Photo Credits-ANI Twitter)

    नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानो का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान संसद चल रही है। सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से बसों में भरकर किसानों का जत्था यहां पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस ने सिर्फ 200 किसानों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दी है। एक तरफ किसानों का आंदोलन चल रहा है तो दूसरी ओर इसे लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। केंद्र ने फिर बातचीत का प्रस्ताव दिया है। लेकिन अकाली दल ने निशाना साधते हुए सरकार को किसान विरोधी बताया है।

    ज्ञात हो कि  केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने किसानों से नए कृषि क़ानूनों के संदर्भ में बात की है। किसानों को कृषि क़ानूनों के जिस भी प्रावधान मे आपत्ति हैं वे हमें बताए, सरकार आज भी खुले मन से किसानों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार है।

    वहीं किसानों के विरोध प्रदर्शन पर शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है। किसान पिछले 8 महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार कहती है कि किसान हमसे बात करें लेकिन क़ानून वापस नहीं होंगे। जब आप ने कृषि क़ानून वापस नहीं लेने है तो किसान आपसे क्या बात करेंगे।

    दिल्ली: कृषि कानूनों के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसान बसों के जरिए सिंघु बॉर्डर से जंतर-मंतर पहुंचे।

    उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के ख़िलाफ जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन पर अधीर रंजन चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के प्रदर्शन और आंदोलन का पूर्ण रूप से समर्थन करती है और इस मुद्दे पर सदन में चर्चा हो, इसके लिए मैंने स्थगन प्रस्ताव को सदन के स्पीकर को दिया है।