Farmers took to the streets to protest against agricultural bills, increased security

बेंगलुरु. कर्नाटक में किसान संगठनों द्वारा आज राज्यव्यापी बंद किया गया हैं। किसान बीएम येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए एपीएमसी और भूमि सुधार अधिनियमों में संशोधन का विरोध कर रहे हैं। बंद के समर्थन में विपक्षी कांग्रेस और जेडी (एस) के अलावा कई कन्नड़ और अन्य संगठन भी शामिल हैं, जिन्होंने विधानसभा में संशोधन बिल का विरोध किया था।

इसमें श्रमिक संगठनों के भी लोग शामिल है, जो विधानसभा सत्र के दौरान कुछ श्रम कानूनों में संशोधन का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, कर्नाटक सरकार ने बिलों का बचाव करते हुए कहा कि राज्य या देश के किसी भी हिस्से में किसानों को अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता देने के इरादे से उपाय किए गए थे। किसान संगठनों के अनुसार, वे भारत बंद के दौरान राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। कुछ माल ट्रांसपोर्टरों, टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों ने बंद को अपना समर्थन दे रहे है। साथ ही, निजी बस सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। 

किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के मद्देनजर आज सुबह शिवमोग्गा में सामान्य यातायात आंदोलन देखा गया। कृषि बिलों, भूमि सुधार अध्यादेशों, कृषि उपज बाजार समिति (APMC) में संशोधन और श्रम कानूनों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया।

कृषि बिलों, भूमि सुधार अध्यादेशों, कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में संशोधन और श्रम कानूनों के विरोध में, आज किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए एक राज्यव्यापी बंद के मद्देनजर कालाबुरागी में पुलिस बल तैनात किया गया।

कृषि बिलों (अब कानून) के विरोध में अखिल भारतीय किसान सभा और अन्य संगठनों ने हासन में हेमवती की मूर्ति के सामने बाइक रैली भी निकाली। कृषि बिल, भूमि सुधार अध्यादेश, APMC और श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ किसानों के संगठनों ने आज राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। राज्यव्यापी बंद के बीच एक बस को रोकने के लिए, हुबली में प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए।