मोदी सरकार देगी ‘1000 रुपये’ किराये से मकान

नई दिल्ली. वर्तमान में देश में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक देश में कोरोना मरीजों की संख्या 4 लाख 20 हजार से भी अधिक हो गई है। इसलिए कोरोना के कारण देश के सामने आर्थिक संकट छाया है। कोरोना वायरस का संक्रमण कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है। इस बिच केंद्र सरकार जल्द ही विभिन्न असंगठित क्षेत्रो में काम करने वाले लोगों के लिए ‘रेंटल हाउसिंग योजना’ शुरू कर सकता है। इस योजना का लाभ निर्माण मजदुर, श्रमिक, प्रवासी मजदुर और छात्र ले सकते है। 

आवास मंत्रालय ने बताया कि, योजना के शुरुवाती चरण में 700 करोड़ रूपये की जरुरत है। इस किराये की आवासीय योजना में विभिन्न वर्गों के लिए 1,000 रुपये से 3,000 रुपये का किराया लिया जायेगा। 

द प्रिंट ने दी जानकारी के अनुसार, यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान कम किराए की आवासीय योजना को लागु किया गया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि, इसी योजना का उपयोग प्रवासी मजदूरों के लिए किया जायेगा। इसलिए रेंटल हाऊसिंग योजना का लाभ सबसे ज्यादा मजदूरों को होगा। 

मोदी सरकार, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन और राजीव आवास योजना के तहत 1 लाख आवास इकाइयों का उपयोग करने की योजना बना रही है। मंत्रालय में इस संबंध में एक मसौदा तैयार किया जा रहा है। इसमें विभिन्न घटकों के लिए 1000 से 3000 तक का किराया लिया जाएगा।