S Jaishankar inaugurates Mahatma Gandhi Library at University of Nairobi
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    नयी दिल्ली: तालिबान (Taliban) के कुछ नेताओं के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) की मुलाकात का दावा करने वाली खबर ‘‘पूरी तरह से झूठी, आधारहीन और शरारतपूर्ण” है। सूत्रों ने मंगलवार को यह बात कही।

    सूत्रों की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें सामने आई हैं जिनमें दावा किया गया है कि जयशंकर ने तालिबान के कुछ नेताओं के साथ मुलाकात की जिन्होंने विदेश मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके संगठन का भविष्य में भारत के साथ संबंध पाकिस्तान के विचारों एवं इच्छा पर निर्भर नहीं होगा। 

    सूत्र ने बताया, ‘‘ हमने मीडिया में आई उन खबरों को देखा है जिनमें दावा किया गया है कि विदेश मंत्री ने तालिबान के कुछ नेताओं के साथ बैठक की थी । ऐसी रिपोर्ट ‘पूरी तरह से झूठी, आधारहीन और शरारतपूर्ण’ हैं।” ये खबरें तब सामने आई हैं जब अमेरिका 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहता है जिससे इस युद्धग्रस्त देश में दो दशकों से जारी अमेरिकी सैन्य उपस्थिति समाप्त हो जायेगी ।

    इस संदर्भ में अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया को लेकर तेजी से जारी घटनाक्रमों के बीच कतर के एक वरिष्ठ राजनयिक ने एक वाशिंगटन डीसी में अरब सेंटर द्वारा आयोजित एक वेबिनार में हाल में कहा था कि वह समझते हैं कि भारतीय पक्ष, तालिबान के साथ सम्पर्क में है, क्योंकि अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर यह समूह महत्वपूर्ण कारक है।(एजेंसी)