He is the world's richest person, Elon Musk

मुंबई: 195 अरब डॉलर की संपत्ति यानि करीब 14,23,500 करोड़ रुपये के साथ दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्‍क (Elon Musk) बन चुके हैं। लेकिन उनके जीवन में एक समय ऐसा भी था जब उनके पास अपनी कार रिपेयर कराने के लिए मैकेनिक (Mechanic) को देने के पैसे भी नहीं थे। एलन मस्‍क का ‘फर्श से अर्श तक का यह सफर कुछ आसान नहीं था लेकिन उनकी कामयाबी (Success) पर अगर नज़र डाली जाए तो पता चलता है कि इंसान की सोच, मेहनत और काम में लगन उसे बड़े मुकाम तक पहुंचा सकती है।     

हर घंटे करीब 127 करोड़ रुपये की कमाई करते हैं  

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्‍ट्र‍िक कार (Electric Cars) बनाने वाली कंपनी ‘टेस्‍ला’ (Tesla) के ओनर एलन मस्‍क दुनिया के सबसे धनी अमीर व्‍यक्ति में से एक हैं और एक अनुमान के अनुसार, वे हर घंटे करीब 127 करोड़ रुपये की कमाई करते हैं। मस्क अब ज़मीन (Earth) के साथ साथ मंगल ग्रह पर बस्तियां बसाने के अपने सपने को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। 

ऐसे बने थे कंपनी के सीईओ 

2003 में टेस्ला नाम की एक इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी शुरू हुई थी। 2004 में मस्क ने टेस्ला मोटर्स को सबसे ज़्यादा फंडिंग दी और कंपनी जॉइन की और 2006 में टेस्ला मोटर्स (Tesla Motors) ने रोडस्टर (Roadster) नाम की अपनी पहली कार लॉन्च की थी। इस वक्त मस्क टेस्ला के चेयरमेन थे लेकिन एक समय पर टेस्ला नुक्सान झेल रही थी तब मस्क ने अपनी जेब से पैसा लगाकर कंपनी को बचाया और वे कंपनी के सीईओ बन गए। टेस्ला ने आगे जाकर इलेक्ट्रिक कारों के बेहद आधुनिक मॉडल बनाए जिसके बाद कंपनी हिट हो गई। इसके बाद 2010 में टेस्ला मोटर्स पब्लिक हो गई। 

बचपन से ही बड़े थे सपने 

मस्क 49 की उम्र में ही पूरी दुनिया के सबसे अमीर इंसान बन गए। एक वह भी दिन था, जब उन्हें ब्वॉयलर की सफाई का काम मिला था, जिसके लिए प्रति घंटा 18 डॉलर मिलते थे और आज वह प्रति घंटा करीब 127 करोड़ रुपये कमा रहे हैं। मास्क की जिंदगी में एक दर्दनाक पहलू उस वक्त जुड़ा जब उनके माता-पिता अलग हो गए थे। इस दौरान वे सिर्फ 9 साल के थे। एलन ने अपने पिता के साथ रहने का फैसला किया। अपने विचारों में मगन रहनेवाले एलन का स्कूल के बच्चे मजाक उड़ाया करते थे और एक बार उन्हें मज़ाक में सीढ़ियों से धक्के देकर नीचे गिरा दिया गया था। एलन जब छोटे थे तभी से उन्हें कुछ अलग करने का फैसला कर लिया था। उन्होंने छह महीने का कंप्यूटर कोर्स किया और उन्होंने बचपन में ब्लास्टर नाम से एक वीडियो गेम बना दिया, इसे उन्होंने बाद में 500 डॉलर में बेचकर कामयाबी की पहली सीढ़ी पर कदम रखा। मस्क को बचपन से ही किताबें पढ़ने का शौक था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिचकॉक की किताब ‘गाइड तो द गैलक्सी’ का उनके मन मस्तिष्क पर गहरा असर पड़ा जिसके बाद से उन्हें स्पेस साइंस में काफी दिलचपी हुई और इंट्रेस्ट आया। 

साउथ अफ्रीका से कनाडा फिर पहुंचे अमेरिका 

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में रहते हुए मस्क को लगा की अंतरिक्ष खंगालने का अभियान मुश्किल होगा। मस्क फिर कनाडा (Canada) की नागरिकता हासिल कर वहां रहने लगे। लेकिन किस्मत ने उनके लिए शायद कुछ और ही सोचा था। कनाडा से वह प्रौद्योगिकी का बेस कहे जाने वाला देश अमेरिका (America) जा पहुंचे। जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी से पीएचडी (PhD) करने के लिए एडमिशन भी ले लिया, लेकिन दो दिन बाद ही उन्होंने यूनिवर्सिटी छोड़ सीधे हकीक़त में उतरने का फैसला किया।  

फिर पहुंचे अर्श तक 

नासा (NASA) ने पहली बार प्राइवेट कंपनी ‘स्पेस एक्स’ (SpaceX) के अंतरिक्षयान से दो लोगों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) भेजकर इतिहास रच दिया है। स्पेस एक्स मस्क की ही कंपनी है। नासा के साथ मिशन में जुड़नेवाली स्पेस एक्स की स्थापना के चार साल बाद उन्हें पहली बड़ी कामयाबी 2006 में मिली थी। नासा की तरफ से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक कार्गो पहुंचाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। लगातार कई कामयाबियों के बाद एलन की अगली योजना अंतरिक्ष में कॉलोनी बनाने की है और उन्हें उम्मीद है कि 2025 तक अंतरिक्ष में आवाजही के लिए स्पेस एक्स की भूमिका अहम साबित होगी। 

इंडियन मार्किट में टेस्ला

tesla भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट (Indian Automobile Market) में भी टेस्ला प्रवेश करने जा रही है। अब टेस्ला ने भारत (India) में अपनी एक इकाई को रजिस्टर्ड करा लिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने देश में टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, बेंगलुरु के पास रजिस्टर्ड कराया है। कंपनी एक अनलिस्टेड प्राइवेट एंटिटी के रूप में रजिस्टर्ड हुई है। आरओसी फाइलिंग के मुताबिक टेस्ला इंडिया के निदेशक के तौर पर वैभव तनेजा (Vaibhav Taneja), वेंकटरंगम श्रीराम (Venkatrangam Sreeram) और डेविड जोम फेंस्टीन (David Jon Feinstein) को नियुक्त किया है।