Cyclone Tauktae: Prime Minister Modi discussed with CM Uddhav Thackeray on the situation arising out of Cyclone Tauktae

    नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कई जिलों में लगातार हो रही बारिश (Rain) के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra CM Uddhav Thackeray) से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में स्थिति पर चर्चा की। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर दी।

    मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में मौजूदा स्थिति को कम करने के लिए केंद्र से हर संभव सहायता देने आश्वासन दिया और सभी की सुरक्षा और सलामती के लिए प्रार्थना की।

    गौरतलब है कि महाराष्ट्र में लगातार बारिश हो रही है। जिससे कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। वहीं ट्रैक वॉशआउट, पटरियों पर कीचड़, जलभराव के कारण महाराष्ट्र में रेल सेवा प्रभावित हो गई हैं। इतना ही नहीं कई इलाकों में भारी बारिश के चलते दुकानों, कार्यालयों, घरों और भूतल के फ्लैटों में बाढ़ का पानी घुस गया, कई बड़े और छोटे वाहन पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं।

    वहीं भारी बारिश और नदियों में उफान आने से कोंकण रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवांए प्रभावित हुई और करीब छह हजार यात्री फंस गए। भारी बारिश की वजह से मुंबई सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से अधिकारियों को बचाव कार्य में प्रशासन की मदद के लिए एनडीआरएफ को बुलानी पड़ी है। कोंकण रेलवे मार्ग प्रभावित होने की वजह से अबतक नौ रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तन किया गया है या रद्द किया गया है या उनके मार्ग को छोटा किया गया है। भारी बारिश की वजह से कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और सरकारी अमला प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटा है।

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लगातार हो रही बारिश से इन दो तटीय जिलों में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की है। वहीं भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने तटीय क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने एवं लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है।