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    नयी दिल्ली: फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) ने सोमवार को कहा कि खाद्य व्यवसाय संचालकों द्वारा दिए गए बिलों पर एफएसएसएआई लाइसेंस संख्या का उल्लेख करने के नियम के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई से की है।   

    भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य व्यापार परिचालकों (एफबीओ) को इस साल एक अक्टूबर से नकद रसीदों या खरीद चालान पर एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य किया है।    एफएचआरएआई ने कहा कि वह एफएसएसएआई के ताजा आदेश के पक्ष में है।   

    एफएचआरएआई ने नियामक से अनुरोध किया है कि वह कोविड प्रभावित इस उद्योग के चल रहे संकट और अतिरिक्त व्यय के बोझ को ध्यान में रखे, जो व्यवसायों को नई रसीदों, चालानों, बिलों, कैश मेमो की छपाई सहित सॉफ्टवेयर को अद्यतन करने जैसी व्यवस्था करने के लिए उठाना होगा।   

    एफएचआरएआई के उपाध्यक्ष गुरबख्श सिंह कोहली ने कहा, ‘‘एफएचआरएआई देश में एक मजबूत ग्राहक शिकायत प्रणाली स्थापित करने के एफएसएसएआई के प्रयास की सराहना करता है।” इसे एक बड़ी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखना होगा कि मौजूदा समय में, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र, कोविड महामारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है।   

    कोहली ने कहा, ‘‘गंभीर संकट के ऐसे समय के दौरान, इस आदेश के कार्यान्वयन से व्यवसायों पर बहुत अधिक अतिरिक्त खर्च आएगा … इसलिए, हम एफएसएसएआई से अनुरोध करते हैं कि आदेश के कार्यान्वयन के लिए समय सीमा को तब तक बढ़ाया जाए जब तक कि क्षेत्र में कुछ सामान्य स्थिति वापस न आ जाए।