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    नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) की तीसरी लहर (Third Wave) का संकट मंडरा रहा है। केंद्र सरकार समेत कई स्वास्थ्य संस्थाओं ने अगस्त या सितंबर में तीसरी लहर आने की संभावना जताई है। इसी बीच कई राज्यों ने अपने यहां फिर से स्कूल शुरू करने का ऐलान कर दिया है। सरकारों के इस निर्णय पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) महानिदेशक बलराम भार्गव (Balram Bhargav) ने बड़ा इशारा किया है। उन्होंने कहा कि, “माध्यमिक विद्यालय खोलने से पहले प्राथमिक विद्यालय खोलना बुद्धिमानी होगी।”

    वयस्कों के मुकाबले बच्चे ज्यादा सुरक्षित

    भार्गव ने कहा, “हम स्पष्ट रूप से जानते हैं कि बच्चे वयस्कों की तुलना में वायरल संक्रमण को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। वयस्कों की तरह बच्चों में भी एंटीबॉडी एक्सपोजर समान है। कुछ स्कैंडिनेवियाई देशों ने अपने प्राथमिक स्कूलों को किसी भी कोरोना वेव  में बंद नहीं किया.”

    सभी स्कूल कर्मचारियों को हो टीकाकरण 

    आईसीएमआर डीजी ने कहा, “एक बार जब भारत विचार करना शुरू कर देता है, तो माध्यमिक विद्यालय खोलने से पहले प्राथमिक विद्यालय खोलना बुद्धिमानी होगी। स्कूल बस चालक, शिक्षक और स्कूल के अन्य कर्मचारियों के सभी सहायक कर्मचारियों को टीकाकरण की आवश्यकता है।”

    40 प्रतिशत आबादी खतरे में 

    देश में संपन्न हुए चौथे सिरों सर्वे पर जानकारी देते हुए कहा, “इस सर्वे के अनुसार देश के केवल दो तिहाई लोगों के इसमें हार्ड इमुनिटी मिली है. जिसके अनुसार अभी भी 40 प्रतिशत लोगों पर कोरोना का खतरा बना हुआ है.”

    सभी तरह के सार्वजनिक से बचें 

    भार्गव ने कहा, “सामाजिक, सार्वजनिक, धार्मिक और राजनीतिक सभाओं से बचना चाहिए, गैर-जरूरी यात्रा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए और पूरी तरह से टीकाकरण होने पर ही यात्रा करें। हमें जल्द से जल्द सभी स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने और कमजोर समूहों में टीकाकरण में तेजी लाने की आवश्यकता है.”