असम में भाजपा को 33.21 प्रतिशत जबकि कांग्रेस को 29.67 फीसद वोट मिले

    असम: असम (Aasam) में लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज होने वाली भाजपा (BJP) को विधानसभा चुनाव में 33.21 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी। भाजपा के गठबंधन साझेदार असम गण परिषद (एजीपी) को 7.91 प्रतिशत वोट मिले जबकि संप्रग के प्रमुख दल कांग्रेस (Congress) को 29.67 प्रतिशत तथा एआईयूडीएफ को 9.29 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं। भाजपा को जहां विधानसभा चुनाव में 126 में से 60 सीटों पर जीत मिली है तो वहीं उसके सहयोगी दलों असम गण परिषद (एजीपी) को नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी (लिबरल) को छह सीटों पर जीत हासिल हुई।

    कांग्रेस को 29, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (All India United Democratic Party) (एआईयूडीएफ) को 16 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को चार सीटों पर जीत मिली। एक सीट पर माकपा और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार को जीत हासिल हुई। आयोग के आंकड़ों के अनुसार 92 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली भाजपा को 6,84,538 (33.21 प्रतिशत) वोट मिले। 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाले क्षेत्रीय दल असम गण परिषद को 1,519,777 (7.9 फीसद) मतदाताओं ने वोट दिया।

    आयोग की वेबसाइट के अनुसार आठ सीटों पर चुनाव लड़ने वाली यूपीपीएल को मिले मतों के आंकड़े नहीं दिये गए हैं। कुल 94 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 5,703,341 (29.7 प्रतिशत), 14 सीटों पर लड़ने वाली एआईयूडीएफ को 1,786,551 (9.3 प्रतिशत) जबकि दो सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली माकपा को केवल 160,758 (0.84 फीसद) वोट मिले। अन्य के खाते में 2,628,518 यानी 13.7 प्रतिशत वोट पड़े जबकि 219,578 (1.14 प्रतिशत) मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।

    चुनाव जीतने वाले प्रमुख चेहरों में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, उनके मंत्रिमंडल के साथी हिमंत बिस्व सरमा और चंद्रमोहन पटवारी, पिछली विधानसभा के अध्यक्ष हितेन्द्र नाथ गोस्वामी, एजीपी प्रमुख अतुल बोरा और सीएए-विरोधी आंदोलन के जेल में बंद नेता अखिल गोगोई शामिल हैं। हार का सामना करने वालों में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा और बीपीएफ की उम्मीदवार तथा राज्य की मंत्री प्रमिला रानी शामिल हैं।