Jaishankar joins SCO foreign ministers meeting in Russia
File Photo

नयी दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद (India-China Border Dispute) के संदर्भ में बृहस्पतिवार को कहा कि दोनों देश “अभूतपूर्व” स्थिति से गुजर रहे हैं। विश्व आर्थिक मंच के ऑनलाइन सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन अपनी वृद्धि के साथ-साथ ही कैसे एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाते हैं, यह एक बड़ा मुद्दा है, जिसका एक हिस्सा सीमा विवाद है।

रूस की राजधानी मास्को में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से इतर 10 सितंबर को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत के बाद, साढ़े चार महीने से चल रहे सीमा विवाद पर जयशंकर की यह पहली टिप्पणी है। एशिया के दो बड़े देशों के बीच रिश्ते कैसे आगे बढ़ेंगे, इस सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के लिए यह जरूरी है कि वे एक-दूसरे के विकास को समायोजित करने की जरूरत को समझें।

विदेश मंत्री ने कहा, “हम एक तरह से अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहे हैं। लेकिन अगर कोई इसे व्यापक तौर पर देखता है तो मैं कहता हूं कि यह बड़े घटनाक्रम का एक पहलू है जिसके लिए भारत और चीन को बैठकर हल खोजना होगा।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कूटनीति के लिए बड़ी चुनौती यह है कि वे कैसे एक-दूसरे की वृद्धि को समायोजित करते हैं।

गौरतलब है कि सोमवार को भारत और चीन के कोर कमांडरों की अहम वार्ता हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने कई फैसलों की घोषणा की जिनमें सीमा पर अधिक सैनिकों को भेजना बंद करना और ऐसी किसी कार्रवाई से बचना जिससे मामला और जटिल होता हो, शामिल हैं।

जयशंकर ने विश्व आर्थिक मंच पर दुनिया के कुछ अहम मसलों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण को लेकर हमें अपनी सोच में बदलाव करने की जरूरत है।(एजेंसी)