Imran khan, Modi

नयी दिल्ली. जहाँ मोदी सरकार (Narendra Modi) अपने देश (India) में कोरोना युद्ध (Corona War) और किसान आन्दोलन (Farmers Protest) को लेकर व्यस्त है। वहीं उधर पाकिस्तान (Pakistan) अब एक बार फिर भारत की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) के दर से ग्रस्त है। दरअसल पाकिस्तान (Pakistan) के प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून में लिखा है कि पकिस्तान को अपने खुफिया एजेंसियों से यह इशारा मिला है कि दिल्ली में जारी किसान आंदोलन से ध्यान हटाने के लिए भारत फिर कोई बड़ा दुस्साहस भरा कदम उठा सकता है।

अखबार ने सेना के सूत्रों का हवाला देकर लिखता है कि सर्जिकल स्ट्राइक की आशंका के चलते अब पाकिस्तान ने LOC और भारत से लगी सीमा पर अपने सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा है।   

दरअसल पाकिस्तान के प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने एक खबर छापी है, जिसमे यह लिखा है कि  “भारत की हिंदुत्ववादी हितैषी ‘मोदी सरकार’ अपने देश में जारी विरोध-प्रदर्शनों को कमजोर करने के लिए कुछ भी करने को उतारू है। भारत ये भी नहीं चाहता है कि सिख किसानों के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन से किसी भी अन्य ‘खालिस्तानी आंदोलन’ को हवा मिले।”अखबार यह भी लिखता है कि उसे अपने कई ख़ास जानकार सूत्रों से यह पता चला है कि, LOC (लाइन ऑफ कंट्रोल) और भारत-पाकिस्तान की वर्किंग बाउंड्री पर पाकिस्तानी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि भारत के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

वहीं पाकिस्तान का अखबार ‘जियो न्यूज’ भी लिखता है कि पाकिस्तान ने भारत के किसी भी तरह के ख़ुफ़िया फ्लैग ऑपरेशन या सर्जिकल स्ट्राइक की आशंका से अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रख छोड़ा है। अखबार यह भी लिखता है कि भारत अपनी आंतरिक और बाहरी समस्याओं से दुनिया और अपने देश के लोगों का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है। अखबार यह भी  है कि अल्पसंख्यकों, किसान आंदोलन और कश्मीर को लेकर भारत फिलहाल बहुत ज्यादा दबाव में है। वहीं भारत भारत अभी लद्दाख में भी चीनी चुनौतियों का सामना कर रहा है।

गौरतलब है कि पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी हमले के जवाब में बीते फरवरी 2019 में भारतीय वायु सेना (IAF) ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों के ठिकानों पर भयंकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। लेकिन यह भी गौर करने लायक है कि जहाँ एक तरफ तो पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक की बात को सिरे से नकारता रहा है लेकिन वहीं दूसरी तरफ उसे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का खौफ भी सताता रहता है।

यह बात भी प्रासंगिक है कि भारत में हो रहे किसान आन्दोलन को लेकर पाकिस्तान के विज्ञान एवं तकनीक मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट किया था, ‘निर्दयी मोदी सरकार को पंजाब के किसानों की कोई परवाह नहीं है।” फवाद चौधरी ने अपने ट्वीट में “ना केवल भारत के आंतरिक मसले पर टिप्पणी की बल्कि भारतीय किसानों में फूट डालने की कोशिश भी की। उन्होंने ‘गुजराती हिंदुत्व’ को दोष देते हुए पंजाबी किसानों के साथ सहानुभूति जताई।” 

गौरतलब है कि इसके पहले भी पाकिस्तान, भारत के अंदरूनी मामलों को लेकर अपने अखबार में लिख चूका है। लेकिन बजाय वह अपने स्तिथि पर ध्यान देने के, भारत के मामलों पर ज्यादा दिलचस्पी रखता है। इससे नुकसान पाकिस्तान का ही है ना की किसी और का।