Indian Oil gets USTDA support in its green initiative

    नयी दिल्ली: इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी) ने बड़ोदरा में कोयली रिफाइनरी में कच्चे तेल की प्रसंस्करण सुविधा की विस्तार योजना में पेट्रोरसायन और ल्यूब्रिकैंट इकाई को भी स्थापित करने की कुल 24 हजार करोड़ रुपये की निवेश योजना पर गुजरात सरकार के साथ हस्ताक्षर किये हैं।

    कंपनी ने सोमवार को विज्ञप्ति में कहा कि कोयली रिफाइनरी की क्षमता को 43 लाख टन लाख सालाना से बढ़ाकर 1.80 करोड़ टन सालाना किया जायेगा। इसके साथ ही इसमें पांच लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता की पोलीप्रापिलीन इकाई और 2.35 लाख टन क्षमता की ल्यू्ब्रिकैंट की मूल सामग्री बना का संयंत्र लगाया जायेगा। 

    इस पूरे कार्य पर कुल 24,000 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।  इस निवेश परियोजना को लेकर गुजरात सरकार और इंडियन आयल के बीच आपसी सहमति के ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी और केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे। 

    कंपनी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस परियोजना के तैयार होने से कंपनी की पेट्रोरसायन के क्षेत्र में आगे बढ़ने को लेकर तैयारी मजबूत होगी। इससे कंपनी पीवीसी, स्टायरेन, एक्रिलोनिट्रायल, पालि मिथाइल मेथाक्रयलेट और एथलीन आक्साइड जैसे रसायनों के उत्पादन क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगी।  

    आईओसी ने कहा कि इस अवसर पर कोयली- अहमदनगर- सोलापुर पाइपलाइन के लिये दुमद में ढांचागत सुविधाओं को तैयार करने और साथ ही डिटरजेंट उद्योग के काम आने वाले लीनियर एल्काइल बेंजीन (एलएबी) के लिये टैंक- ट्रक लोडिंग सुविधा को भी तैयार करने के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये हैं। 

    आईओसी के चेयरमैन एस एम वैद्य ने इस अवसर पर कहा, ‘‘गुजरात रिफाइनरी अब 1.80 करोड़ टन सालाना क्षमता तक पहुंचने की तैयारी में है। रिफाइनरी में अब पोलिप्रापिलीन, ल्यूब आयल बेस स्टॉक और बुटायल एक्रीलेट की उत्पादन इकाइयां भी जुड़ जायेंगी।’ वहां निर्माण से एक व्यक्ति के हिसाब से 12.5 करोड़ घंटे के काम के अवसर उत्पन्न होंगे।(एजेंसी)