Indian railway

    नयी दिल्ली. देशभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना (Corona) के मामलों को देखते हुए जहाँ भारत सरकार और राज्य सरकारों ने कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही  राज्य सरकारों की ओर से भी एक गाइडलाइन भी जारी की जा चुकी है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण  सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र 9Maharrashtra) में देखने को मिल रहे हैं।

    ऐसे में एक एक खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि संभावित लॉकडाउन के मद्देनजर भारतीय रेल एक बार फिर से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों (Shramik Special Trains) को चलाने की योजना  बना रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या सच है-

    दरअसल भारतीय रेलवे के सेंट्रल रेलवे जोन (Central Railway Zone) ने इस बारे में बाकायदा ट्वीट करके जानकारी दी है। रेलवे ने लिखा है कि फिलहाल रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने कि कोई भी योजना नहीं बनायी है। 

    सेंट्रल रेलवे ने किया ट्वीट:

    इस बाबत सेंट्रल रेलवे ने एक ट्वीट में लिखा है कि सोशल मीडिया पर यह जानकारी पूरी तरह से गलत फैलाई गई है कि रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। रेलवे ने कहा कि ऐसी कोई भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें फिलहाल नहीं चलाई जा रहीं हैं, ना ही आगे चलाने की कोई योजना है। रेलवे की ओर से सिर्फ कुछ रूटों पर ही स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। कृपया यात्री किसी भी तरह की अफवाहों में न आएं।

    पिछले साल कोरोना के चलते रेलवे ने चलाई थी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें:

    गौरतलब है कि पिछले साल 2020 जब लॉकडाउन लगाया गया था तो रेलवे की ओर से कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थी, जिसके कहते अनेक  यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाया गया था। तब भारतीय रेलवे ने कुल 4,615 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया था, जो पिछले साल कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान करीब 63 लाख से अधिक लोगों को उनके घर ले गई थी।

    1 मई 2020 से किया गया था संचालन:

    बता दें कि रेलवे विभाग ने 1 मई 2020 से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया था, जिसके जरिए फंसे हुए लोगों को उनके घरों पर सुरक्षित भी पहुंचाया गया था।इसके साथ ही अपने ट्वीट में  सेंट्रल रेलवे ने कहा है कि सभी यात्री अपनी और दूसरों की सुरक्षा का अब पूरा ध्यान रखें। केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई सभी जरुरी गाइडलाइनइन्स का पालन करें। इसके अलावा बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें। बिना वजह कहीं भी न घूमें और ना ही अपनी परिवार कि जान को जोखिम में लायें।