Iqbal Ansari, who was a matter in Babri case, welcomed the decision of the CBI court

लखनऊ. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले (Ram Janmabhoomi-Babri Masjid case) के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने विवादित ढांचा ढहाये जाने के प्रकरण में विशेष सीबीआई अदालत (CBI court) के बुधवार के फैसले का स्वागत करते हुए मुसलमानों से अपील की कि वह उच्चतम न्यायालय (Supreme court) के निर्णय की तरह विशेष अदालत के फैसले का भी सम्मान करें। अंसारी ने टेलीफोन पर ‘भाषा’ से बातचीत में विशेष सीबीआई अदालत (CBI court) के फैसले के बारे में पूछे जाने पर कहा ”अच्छी बात है, सबको बरी कर दिया गया। वैसे जो कुछ भी होना था वह पिछले साल नौ नवम्बर को चुका है। यह मुकदमा भी उसी दिन खत्म हो जाना चाहिये था।”

उन्होंने कहा ”यह मुकदमा सीबीआई का है। आज अदालत ने इस पर फैसला कर दिया। हम मुसलमानों से अपील करते हैं कि वह इस मामले को आगे लेकर न जाएं। जैसे नौ नवम्बर के फैसले का सम्मान किया था, वैसे ही इसका भी करें।” अंसारी ने कहा ”हम चाहते हैं कि हमारे देश में हिन्दू-मुसलमान का विवाद न रहे। जो लोग देश को तोड़ना चाहते हैं, वे ही विवाद बनाये रखने की कोशिश करते हैं। अयोध्या में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई में कोई मतभेद नहीं है। यही माहौल पूरे देश में होना चाहिये।”

गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।(एजेंसी)