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    नयी दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अगले एक-दो सप्ताह में नये मध्यस्थता नियमों से जुड़े एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) और उनके जवाब जारी कर सकता है। एफएक्यू नये नियमों से जुड़े विभिन्न पहलुओं से जुड़े होंगे। इनमें उपाय, इन नियमों से सोशल मीडिया मंचों के उपयोगकर्ताओं को किस तरह फायदा होगा और हितधारकों के संभावित अन्य स्पष्टीकरण शामिल होंगे।

    मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि इस समय एफएक्यू पर काम चल रहा है और एक-दो हफ्ते में इन्हें जारी किए जाने की उम्मीद है। एफएक्यू में 10-20 सवालों के जवाब होंगे। नये नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत है। इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं।

    इससे पहले इस महीने की शुरुआत में सरकार ने ट्विटर को नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका देते हुए कहा था कि अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आईटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। 

    ट्विटर ने हाल ही में अतिरिक्त समय समाप्त होने के बाद भी जरूरी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जिसके साथ उसने भारत में ‘संरक्षित प्रावधान’ के जरिए मिलने वाली रियायतों का अधिकार खो दिया है। अब माइक्रोब्लॉगिंग साइट उपयोगकर्ताओं के किसी भी तरह की गैरकानूनी सामग्री डालने पर उसकी जिम्मेदार होगी।