इंदिरा गाँधी ही नहीं अपितु बाला साहब ठाकरे भी मिलते थे करीम लाला से

मुंबई, महाराष्ट्र की सियासत संजय राउत के दिए गए भड़काऊ बयान पर चरम घमासान है। विदित हो को 15 जनवरी को एक मीडिया हाउस को दिए गए अपने साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी

मुंबई, महाराष्ट्र की सियासत संजय राउत के दिए गए भड़काऊ बयान पर चरम घमासान है। विदित हो को 15 जनवरी को एक मीडिया हाउस को दिए गए अपने साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मुंबई में पुराने डॉन करीम लाला से मिलने आती थीं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी जैसे गैंगस्टर महानगर और आस-पास के क्षेत्रों पर नियंत्रण रखते थे और तय करते थे कि पुलिस आयुक्त कौन बनेगा, मंत्रालय (सचिवालय) में कौन बैठेगा।उनके इस बयान से महाराष्ट्र के सियासी हलकों में गहमा-गहमी जारी है। लेकिन अब यह भी एक नया पन्ना खुला है जिसको लेकर शायद संजय राउत थोड़े चकित हों लेकिन अब मीडिया में ये तस्वीरें भी निकल आयी हैं जिसमे शिवसेना संस्थापक स्वयं बालासाहब ठाकरे भी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला के साथ बैठे दिख रहे हैं। 

कल संजय राउत के बयान के चलते महाराष्ट्र नाहा विकास अघाड़ी के उनके युति मित्र कांग्रेस के कुछ कद्दावर नेताओं ने चुटकी ली। संजय राउत के बयान पर, महारष्ट्र के उर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा कि, " इंदिरा गांधी हमारी नेता और आदर्श थी। संजय राउत बीजेपी के खिलाफ तब भी टिप्पणी करते थे, जब वे सरकार का हिस्सा थे, लेकिन अगर उन्हें लगता है कि हम यहाँ उनकी तरह सुनते रहेंगे, तो यह गलत है । हम ईट का जवाब पत्थर से देना जानते है।"

 
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने इसे संजय राउत कि ‘कही-सुनी बात’ करार दिया और उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाई को मंत्री नहीं बनाए जाने से राउत के नाराज की होने की चर्चा है। उधर चारो तरफ से आलोचना से घिर जाने के बाद संजय राउत अपने बयान से पलटते हुए कहा कि उन्होंने दिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति जो सम्मान दिखाया है वह विपक्ष भी कभी नहीं कर पाया। उन्होंने ये भी कहा कि जब भी इंदिरा गांधी पर लोगो ने निशाना साधा है, वे उनके सम्मान के लिए उठ खड़े हुएँ हैं। अपने ट्वीटर पर उन्होंने लिखा कि " मैंने इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति जो सम्मान दिखाया है, वह विपक्ष में होने के बावजूद किसी ने नहीं किया है। जब भी लोगों ने इंदिरा गांधी पर निशाना साधा है, मैं उनके लिए खड़ा हुआ हूं"।

 
लेकिन संजय राउत ने पूरी सच्चाई नहीं बताई कि कांग्रेस या दूसरे दल के लोगो के साथही नहीं , अपितु शिवसेना संस्थापक बाला साहब भी करीम लाला से मिलते थे हालाँकि जो तस्वीरें सामने आयी हैं उससे तो यही लगता है की किसी समारोह में उनका औपचारिक मिलना हो जाता होगा। गुरुवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए अब्दुल करीम शेर खान उर्फ करीम लाला के पोते सलीम खान ने कहा कि केवल इंदिरा गांधी ही नहीं, बल्कि बाल ठाकरे, शरद पवार और राजीव गांधी जैसे दिग्गज भी उनके दादा से मुंबई और दिल्ली में मिलते रहते थे।सलीम ने यह भी कहा कि , "यह कहना तो गलत है कि इंदिरा गांधी मेरे दादा से मिलने मुंबई आई थीं, लेकिन यह सभी जानते हैं कि उनकी दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इसकी तस्वीरें मौजूद हैं।" वहीं तस्वीर का दूसरा पहलु हाजी मस्तान के गोद लिए पुत्र सुंदर शेखर ने पेश किया, मीडिया के साथ एक साक्षतकार में उन्होंने कहा की,"हाजी मस्तान और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे गहरे दोस्त हुआ करते थे। जूहू के बागुर होटल में दोनों फुर्सत के पल साथ बिताते थे। यह होटल दोनों को बहुत पंसद था।" उन्होंने कहा कि बाल ठाकरे के अलावा, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे, वसंतदादा पाटील, मुरली देवड़ा भी नियमित रूप से हाजी मस्तान से मिलते रहते थे।
 
इस तरह देखें तो कमोबेश 70 -80 के दशक में करीब करीब हर राजनेता और अभिनेता गाहे-बगाहे अंडरवर्ल्ड के लोगो से लिटा जुलता रहता था। हालाँकि यह किसी समारोह में औपचारिक मुलाकातें भी रहतीं थीं। लेकिन संजय राउत का यह कहना या इशारा करना की सिर्फ कांग्रेस के ही लोग अंडरवर्ल्ड से मिलतेजुलते थे में थोड़ी विसंगति है। अब उनके यह बयान उनके मित्र और महारष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए कितनी मुश्किलें कड़ी करेगा, यह तो वक़्त ही बतायेगा।