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    कोलकाता. कोलकाता (Kolkata) में सामुदायिक दुर्गा पूजा (Durga Puja) समितियां सुनश्चित करेंगी कि अनुष्ठान और अन्य संबंधित कार्यों में शामिल सभी लोगों को अगले तीन महीने के भीतर कोवड-19 रोधी टीके लग जाएं। ‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव’ के अधिकारी पार्थ घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पूजा समितियां ये सुनिश्चित करेंगी कि पंडालों में आ रहे सभी लोग मास्क पहनें और सामाजिक दूरी बनाए रखें।

    उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे सदस्यों और स्थानीय लोगों से लेकर पंडालों में बार-बार आने वाले कारीगरों, पुजारियों, ढाकी और बिजली मिस्त्रियों तक सभी को अगले तीन महीनों में कोविड-19 रोधी टीके लगवाने होंगे। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सभी को दोनों खुराक मिल जाएंगी, लेकिन पूजा से दो-तीन दिन पहले गांवों से आने वाले ढाकी (पारंपरिक ढोलकिया) के लिए, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें कम से कम एक खुराक लगा दी जाए।” ‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव’ कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में 550 सामुदायिक दुर्गा पूजा का प्रमुख संगठन है। उसने उत्सव के आयोजन के समय कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

    पंडालों का निर्माण इस तरह से किया जाएगा कि दिशा-निर्देशों के तहत श्रद्धालु दूर से ही मूर्तियों को देख सकें और निकट न जाएं। उन्होंने कहा, ‘‘ ‘पुष्पांजलि’ के लिए कटे हुए फल चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी और अनुष्ठान के दौरान शारीरिक दूरी बनाए रखनी होगी।” सरकार को जो दिशानिर्देश प्रस्तुत किए जाएंगे, वे पिछले साल कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित नियमों से मिलते-जुलते हैं, जिसने पंडालों में लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।

    इसके साथ ही, शहर में दुर्गा पूजा समितियां ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करने पर भी ध्यान केन्द्रित कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग घर से ही कलाकृतियों को देख सकें। उत्सव इस साल 12 अक्टूबर को महा सप्तमी पर शुरू होगा और 15 अक्टूबर विजय दशमी तक चलेगा।