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    नयी दिल्ली. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात की और मराठा आरक्षण तथा चक्रवात राहत कार्यों के लिए वित्तीय सहायता के मुद्दों पर उनसे बातचीत की । महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण भी ठाकरे के साथ मौजूद थे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उप मुख्यमंत्री अजित पवार और मंत्रिमंडल के सदस्य अशोक चव्हाण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।” 

    PM मोदी संग इन मुद्दों पर हुई ख़ास चर्चा :

    इधर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें CM ठाकरे ने बताया कि, “PM मोदी ने हमारे सभी मुद्दों को ध्यान से सुना है और गंभीरत से विचार करने की बात कही है।” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि, ” PM मोदी के साथ मराठा आरक्षण, राजनीतिक आरक्षण, मेट्रो शेड, जीएसटी कलेक्शन, फसल बीमा और चक्रवात से हुए नुकसान समेत 12 जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।” बताया जा रहा है कि PM मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से मराठी भाषा को केंद्र की ओर से स्टेटस दिए जाने की भी मांग की गई। 

    मराठा आरक्षण पर शीघ्र एक्शन ले मोदी सरकार : चव्हाण

    इधर मराठा आरक्षण के मसले पर राज्य सरकार के मंत्री अशोक चव्हाण ने भी कहा कि, ” अब आरक्षण को लेकर राज्य से ज्यादा ताकत केंद्र के पास है, ऐसे में केंद्र सरकार को इस मामले में आगे बढ़कर जरुरी कदम उठाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सभी का एक पक्ष भी रखना चाहिए।” इस पर  अजित पवार ने कहा कि, ” आरक्षण का मसला सिर्फ महाराष्ट्र का नहीं है बल्कि देशभर का है। वहीं, GST को लेकर कहा कि हमारा 24 हजार करोड़ रुपये का हिस्सा मिलना बाकी है। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इसे जल्द से जल्द हमें दिया जाए।”

    पिछले साल मिले थे ठाकरे-मोदी :

     बता दें कि बीते साल फरवरी महीने में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। तब इस दौरान, उनके साथ बेटे आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि CAA से किसी को डरने की जरूरत नहीं है और NPR से किसी को भी देश से बाहर निकाला नहीं जाएगा।

    गौरतलब है कि ठाकरे और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य मराठा आरक्षण एवं चक्रवात राहत उपायों के लिए वित्तीय सहायता जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हैं।