MAMTA

    नयी दिल्ली.  तृणमूल कांग्रेस (TMC) का छह सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि यह मुलाकात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) पर कथित हमले से उपजी चिंता को लेकर होगी। संसद के दोनों सदनों से तृणमूल कांग्रेस के छह सांसद दिल्ली आए हैं और आयोग के अधिकारियों से दोपहर बारह बजे मुलाकात करेंगे।

    इस प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ ब्रायन, सौगत रॉय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, प्रतिमा मंडल और शांतनु सेन शामिल हैं। इससे पहले, बृहस्पतिवार को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कोलकाता में निर्वाचन अधिकारियों से मुलाकात की थी और बाद में आरोप लगाया था कि ‘‘बनर्जी पर संभावित हमले की खबरों के बावजूद चुनाव आयोग ने कुछ नहीं किया।” उन्होंने दावा किया कि यह हमला ‘‘तृणमूल सुप्रीमो की जान लेने की गहरी साजिश थी।”

    पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि ‘‘भाजपा ने नंदीग्राम में हिंसा करने के लिए पड़ोसी राज्यों से असामाजिक तत्वों को बुलाया था।” इसमें कहा गया, ‘‘चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता क्योंकि पश्चिम बंगाल जहां चुनाव होने जा रहे हैं वहां पर कानून-व्यवस्था का जिम्मा आयोग का ही है।” बुधवार को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान रायपारा में मंदिर के पास अज्ञात लोगों द्वारा धक्का दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री के पैर में चोट लगी थी।

    नंदीग्राम में बनर्जी के मुकाबले भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को उतारा है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब वह कार में बैठने की कोशिश कर रही थीं तब चार से पांच लोगों ने उन्हें धक्का दिया और वह गिर गईं। चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह ‘‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” है कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चोटिल होने पर उसे दिए गए ज्ञापन में काफी दोषारोपण किए गए हैं और आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े किए गए। उसने तृणमूल को सख्त शब्दों में लिखा एक पत्र भेजा जिसमें कहा कि इन आरोपों का जवाब देना भी उसे ‘अशोभनीय’ लग रहा है कि चुनाव आयोग राज्य में किसी ‘विशेष दल’ के कहने पर चल रहा है।