राहुल के इस निर्णय के बाद इस्तीफ़ा देना चाहते थे मनमोहन सिंह

नई दिल्ली: योजना आयोग ने पूर्व उपाध्यक्षमोंटेक सिंह अहलूवालिया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा ख़ुलासा किया है. जिसके अनुसार 2013 में राहुल गाँधी द्वारा अध्यादेश फाड़ने के बाद तत्कालीन

नई दिल्ली: योजना आयोग ने पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा ख़ुलासा किया है. जिसके अनुसार 2013 में राहुल गाँधी द्वारा अध्यादेश फाड़ने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहते थे. अपनी किताब ‘बेकस्टेज : द स्टोरी बिहाइंड इंडियाज हाई ग्रोथ ईयर्स’ में किया उन्होंने यह ख़ुलासा किया हैं. जिसपर जवाब देते हुए अहलूवालिया ने कहा, " इतनी सी बात के लिए इस्तीफ़ा देना  सही नहीं है.

बतादें कि, 27 सितंबर 2013 को राहुल गाँधी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के उस अध्यादेश को फाड़ दिया था, जिसमे अनुसार नेताओं को कोर्ट द्वारा सज़ा होने के बाद चुनाव नहीं लड़ सकते थे. कांग्रेस द्वारा आयोजित एक पत्रकार सम्मलेन में बोलते हुए राहुल गाँधी ने कहा था कि, " यह अध्यादेश पूरी तरह बकवास है. इसे फाड़कर फेक देना चाहिए." इस घटना के बाद यूपीए और कांग्रेस कि बड़ी किरकिरी हुई थी. 

अहलूवालिया ने अपनी किताब में उस वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि, " मैं पीएम सिंह के न्यूयॉर्क दौरे के प्रतिनिधिमंडल में शामिल था. मेरे भाई ने प्रधानमंत्री कि आलोचना करते हुए एक लेख लिखा था. जिसको मुझे मेल करके कहा कि उम्मीद है कि इससे मुझे बुरा नहीं लगेगा. आगे लिखते हुए कहा कि, " मैं इस लेख को लेकर प्रधानमंत्री के पास गया क्योंकि मैं चाहता था कि इस बारे में उन्हें मेरे द्वारा पता चले. लेख को पढ़े के बाद, मुझसे पूछा कि क्या उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए."

कांग्रेस को लेकर मोंटेक सिंह ने कहा कि, कांग्रेस राहुल गाँधी में अपना भविष्य देख रही थी. जो नेता उसवक्त इस अध्यादेश का समर्थन कर रहे थे. वह राहुल गाँधी के विरोध के बाद तुरंत पलटकर अध्यादेश का विरोध करने लगे."

गौरतलब है कि, 201४ के लोकसभा चुनाव में यह मुद्दा बड़े ज़ोर शोर से उठाया गया था. विपक्षी दलों ने राहुल गाँधी और मनमोहन सिंह पर ज़ोरदार हमला किया था.  वही चुनाव में प्रचंड जीत से साथ पहुंचे नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग को बंद कर उसके जगह नीति आयोग बनाया था.