Mehbooba Mufti ने फिर पाकिस्तान से बातचीत का राग अलापा, कहा- कश्मीरियों को देगा सुकून

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ़्ती (Mehbooba Mufti) ने फिर से पाकिस्तान राग अलापा है। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक से बाहर निकली महबूबा ने कहा, “मैंने PM से कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान से बात करने पर सुकून मिलता है तो आपको पाकिस्तान (Pakistan) से बात करनी चाहिए।”

    पीडीपी प्रमुख ने बैठक के अंदर की जानकारी देते हुए कहा, “मैंने बैठक में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग धारा 370 को रद्द होने से नाराज़ है। हम जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को फिर से बहाल करेंगे। इसके लिए हम शांति का रास्ता अपनाएंगे। इस पर कोई समझौता नहीं होगा।”

    धारा 370 हटने से जनता में गुस्सा 

    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के लोग 5 अगस्त 2019 के बाद बहुत मुश्किलों में हैं। वे गुस्से में हैं, परेशान हैं और भावनात्मक रूप से टूट चुके हैं। वे अपमानित महसूस करते हैं। मैंने पीएम से कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग उस तरीके को स्वीकार नहीं करते जिस तरह से अनुच्छेद 370 को असंवैधानिक, अवैध और अनैतिक रूप से निरस्त किया गया था।”

    370 को फिर करें बहाल   

    उन्होंने आगे बताया कि, “मैंने बैठक में प्रधानमंत्री से कहा कि अगर आपको धारा 370 को हटाना था तो आपको जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को बुलाकर इसे हटाना चाहिए था। इसे गैरकानूनी तरीके से हटाने का कोई हक नहीं था। हम धारा 370 को संवैधानिक और क़ानूनी तरीके से बहाल करना चाहते हैं।”

    सीजफायर करवाने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद   

    पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने कहा, “मैंने बैठक में प्रधानमंत्री की प्रशंसा की और कहा कि आपने पाकिस्तान से बात कर सीजफायर करवाया। घुसपैठ कम हुई यह अच्छी बात है। मैंने PM से कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान से बात करने पर सुकून मिलता है तो आपको पाकिस्तान से बात करनी चाहिए।”

    ज्ञात हो कि, सर्वदलीय बैठक में शामिल होने से पहले भी मुफ़्ती ने पाकिस्तान से फिर बात शुरू करने की वकालत की थी। पीडीपी प्रमुख ने कहा था कि, जम्मू-कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान से बात होनी चाहिए। प्रदेश में अगर शांति लानी है तो उसके लिए पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए। शांति बहाली के लिए संवाद ही एक रास्ता है।