महाराष्ट्र: शिवाजी महाराज से प्रधानमंत्री मोदी की तुलना से बीजेपी की किरकिरी

मुंबई, महाराष्ट्र में बीजेपी को सत्ता से दूर हुए काफी वक़्त हो गया है। लेकिन गाहे-बगाहे अब भी बीजेपी-शिवसेना में आपस में तकरार आम बात हो गयी है। वहीशिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के महा विकास अघाड़ी के

मुंबई, महाराष्ट्र में बीजेपी को सत्ता से दूर हुए काफी वक़्त हो गया है। लेकिन गाहे-बगाहे अब भी बीजेपी-शिवसेना में आपस में तकरार आम बात हो गयी है। वही शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी के महा विकास अघाड़ी के सत्ता में काबिज होने के बाद ये और ज्यादा बाद गया है। ताजा घटनाक्रम में बवाल के पुस्तक के कारण शुरू हुआ है। इस पुस्तक ‘आज के शिवाजी-नरेंद्र मोदी’ में प्रधानमंत्री मोदी की तुलना महाराष्ट्र के महानायक छत्रपति शिवाजी महाराज से की गयी है। जहाँ इस तुलना के कारण शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की सत्ताधारी सरकार की त्योंरियां चढ़ी हुई हैं वहीं इसके चलते बीजेपी थोड़ी बैकफुट में जाती प्रतीत हो रही है। महा विकास अघाड़ी ने तो इसे सरासर छत्रपति शिवाजी का घोर अपमान बताया है। 

इस पुस्तक को लेकर शिवसेना के कद्दावर नेता संजय राउत बीजेपी पर आक्रमण करते हुए बीजेपी के ही संभाजी राजे भोसले और शिवेंद्रराजे भोसले से प्रश्न किया है कि क्या इस प्रकार की पुस्तक स्वीकार है?

इधर एनसीपी नेता और राज्य के गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा है कि कोई भी छत्रपति शिवाजी महाराज की बराबरी कर ही नहीं सकता। कांग्रेस के राजीव सातव का कहना है कि पुस्तक द्वारा जानबूझकर महान शिवाजी का अपमान किया गया है। वहीं महाराष्ट में मंत्री कांग्रेस के अशोक चव्हाण का कहना है कि ‘जननायक छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्पूर्ण व्यक्तित्व और कार्य अतुलनीय है। कोई भी कोशिश कर ले, लेकिन वह उनके पैर के नाखून की बराबर भी साबित नहीं हो सकता है।’
 
इस फसाद की क्षतिपूर्ति करने के लिए उतरे बीजेपी विधायक और प्रवक्ता अतुल भातखलकर ने कहा कि शिवाजी महाराज की किसी से तुलना मुश्किल है। वही प्रधानमंत्री मोदी भी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं, लिहाजा खुद उन्हें भी ये तुलना कभी पसंद न आएगी। वे तो प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनने के बाद, रायगढ किले पर शिवाजी महाराज का आशीर्वाद भी लेने गए थे और मोदी, महाराज शिवजी को अपना गुरु और आदर्श मानते हैं। 
 
अब मुद्दा यह है कि महाराष्ट्र में सत्ता से बहार बीजेपी के लिए राज्य में ये पुस्तक गले की फँसी हड्डी साबित हो सकती है।एक तो वैसे ही उसे महानगर पालिका चुनावों में महा विकास आघाडी द्वारा हार का सामना करना पड़ा है। वहीं यह भी प्रासंगिक है कि रविवार को दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में में इस किताब का विमोचन किया गया जहां इसमें दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, प्रभारी श्याम जाजू और पूर्व सांसद महेश गिरी सहित कई अन्य नेताओं ने भाग लिया। आपको बता दें कि यह पुस्तक दिल्ली बीजेपी के नेता जयभगवान गोयल द्वारा लिखित है। अब देखना है कि महाराष्ट्र में ये पुस्तक राजनीति कितने दूर तक जाती है।