मोदी गुजरात में सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर गुजरात के केवड़िया में आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट से ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ को जोड़ने वाली सी-प्लेन सेवा सहित कई अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मोदी केवड़िया में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे, एकता की शपथ दिलाएंगे और एकता दिवस परेड में भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मंसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (एलबीएसएनएए) के प्रशिक्षुओं को ‘‘आरंभ 2020” कार्यक्रम के तहत वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करेंगे। उनका संबोधन ‘‘इंटीग्रेटेड फाउंडेशन कोर्स” का हिस्सा है जो कि पहली बार 2019 में लांच किया गया था।

बयान में कहा गया कि केवड़िया के समेकित विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी 30 और 31 अक्टूबर को कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ तक एकता क्रूज सेवा को हरी झंडी दिखाना और एकता मॉल व बच्चों के पोषक पार्क का उद्घाटन शामिल है। इनके अलावा यूनिटी ग्लो गार्डन में मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की वेबसाइट को भी लांच करेंगे। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की सभी आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध होगी। साथ ही वह केवड़िया ऐप को भी लांच करेंगे। (एजेंसी) 

एकता क्रूज सेवा के माध्यम से पर्यटक फेरी बोट सर्विस के जरिए श्रेष्ठ भारत भवन से लेकर ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” की छह किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगे। साथ ही ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” के खूबसूरत नजारे का भी लुत्फ उठा सकेंगे। बयान में कहा गया कि इस यात्रा को 40 मिनट में तय किया जाएगा, जिसमें एक नाव पर अधिकतम 200 यात्री सफर कर सकेंगे। फेरी सेवाओं के लिए नया गोरा पुल खास तौर से बनाया गया है। नाव सेवा को शुरू करने का उद्देश्य ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” आने वाले पर्यटकों को बोटिंग सेवाओं का अनुभव देना है। एकता मॉल में भारत की मौजूदा हस्तकलाओं और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। यहां पर पूरे देश से आए उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य एकता का संदेश देना है। यह मॉल 35 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है। मॉल में 20 एम्पोरियम हैं, जो प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधत्व करते हैं। एकता मॉल को केवल 110 दिनों में निर्मित किया गया है।

बच्चों के लिए पोषक पार्क दुनिया का पहला प्रौद्योगिकी आधारित पार्क है जो 35 हजार वर्गफुट में फैला हुआ है। पार्क में एक न्यूट्री ट्रेन भी चलाई जाएगी। जिसके स्टेशन के नाम भी काफी रोचक रखे गए हैं। जिनके फलशाखा गृहम, पायोनागिरी, अन्नपूर्णा, पोषण पुराण, स्वस्थ भारत नाम दिए गए हैं। बयान के मुताबिक , ‘‘पार्क का उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों के जरिए पोषक भोजन के प्रति जागरूकता फैलाना है। पार्क में इसके लिए मिरर मेज, 5डी वर्चुअल रियल्टी थिएटर और अगुमेंटेंड रियल्टी गेम की भी व्यवस्था की गई है।” आरंभ 2020 एक ऐसी पहल है जिसके जरिए सभी अखिल भारतीय सेवा, ग्रुप-ए केंद्रीय सेवाएं, विदेश सेवाओं के प्रशिक्षुओं को एक कॉमन फाउंडेशन पाठ्यक्रम (सीएफसी) के जरिए एक साथ लाया जाता है। बयान के मुताबिक इसका उद्देश्य परंपरागत रूप से विभागीय और सेवाओं स्तर पर विभाजितं रही सोच को खत्म करना है जिससे कि अपने करियर को सिविल सेवा अधिकारी नई सोच के साथ शुरू कर सके। 

आरंभ का उद्देश्य सिविल अधिकारियों के अंदर विभिन्न विभागों और क्षेत्रों के साथ बिना किसी अड़चन के मिलकर काम करने की क्षमता विकसित करना है। “आरंभ” की शुरुआत 2019 में 94वें फाउंडेशन कोर्स के तहत की गई थी जिसमें गुजरात के केवड़िया स्थित ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी‘‘ में 20 विभिन्न सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारी एक सप्ताह के लंबे कार्यक्रम में भाग लेते हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री को एक प्रस्तुति भी दी जाती है। साथ ही प्रधानमंत्री प्रशिक्षु अधिकारियों से सीधे संवाद भी करते हैं और उन्हें संबोधित भी करते हैं। इस साल “आरंभ” का यह दूसरा संस्करण है जो 14-31 अक्टूबर तक एलबीएसएनएए में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 18 सेवाओं और भूटान की तीन शाही सेवाओं के कुल 428 प्रशिक्षु भाग लेंगे। हालांकि महामारी को देखते हुए इस बार “आरंभ” 2020 वर्चुअल आयोजित किया जाएगा। (एजेंसी)