More than 10 lakh cases disposed in National Lok Adalat at the end of the year: Law Ministry

नई दिल्ली. साल की आखिरी राष्ट्रीय लोक अदालत पिछले हफ्ते लगी, जिसने 10,42,816 मामलों का निपटारा किया। इनमें करीब साढ़े पांच लाख मामले मुकदमा दायर किए जाने से पूर्व के थे, जबकि करीब पांच लाख मामले अदालतों में लंबित थे। कानून मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक राज्यों द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण के पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए विवरण से यह संकेत मिलता है कि करीब 3,227.99 करोड़ रुपये के दावे का निस्तारण किया गया।

देश भर में 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाने के लिए 31 राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरणों ने कुल 8,152 पीठों का गठन किया था। सुनवाई डिजिटल माध्यमों से और प्रत्यक्ष उपस्थिति के साथ हुई। बयान में जिक्र किए गए कुछ मुख्य मामलों में मोटर वाहन दुर्घटना से संबद्ध मुआवजा, भूमि विवाद, वैवाहिक विवाद आदि शामिल हैं, जिनका निपटारा किया गया। लोक अदालतों को विधिक सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम,1987 के तहत सांविधिक दर्जा प्राप्त है। अधिनियम के तहत लोक अदालतों का फैसला सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है और इसके फैसले के खिलाफ किसी अदालत में अपील नहीं की जा सकती।(एजेंसी)