Black fungus a major concern for Maharashtra, 90 people have lost their lives so far
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    नई दिल्ली: देश में उठी कोरोना वायरस (Corona Virus) की खतरनाक लहार एक बीच म्यूकोरमाइकोसिस (Mucermycosis) या फिर ‘ब्लैक फंगस’ (Black Fungus) का खतरा बढ़ता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में ब्लैक फंगस से कोरोना पेशंट्स की मौत की ख़बरें आ रही हैं। ऐसे में गुरुवार को सूरत (Surat) नगर निगम के उप स्वास्थ्य आयुक्त ने बताया कि,  म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन के करीब 25 मामले सिविल अस्पतालों में और 20 अन्य मामले दूसरे अस्पतालों में सामने आए हैं।

    प्रशासन की चिंता और भी बढ़ गई है

    सूरत नगर निगम के उप स्वास्थ्य आयुक्त आशीष नाइक ने कहा है कि, इन मामलों के सामने आने के बाद यह भी पता चला है कि, जिनमें म्यूकोरमाइकोसिस की पुष्टि हुई है वे सभी लोग पहले कोरोना संक्रमित हो चुके थे। इनमें  50 प्रतिशत मरीज सूरत से बाहर के हैं। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद प्रशासन की चिंता और भी बढ़ गई है। 

    महाराष्ट्र में म्यूकोरमाइकोसिस से कम से कम आठ लोगों की मौत  

    बुधवार को खबर सामने आई है कि, महाराष्ट्र (Maharashtra) में म्यूकोरमाइकोसिस से कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है। हालांकि ये लोग कोविड-19 को मात दे चुके थे, लेकिन ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब राज्य में ऐसे लगभग 200 मरीजों का उपचार चल रहा है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) के प्रमुख, डॉक्टर तात्याराव लहाने ने कहा कि, म्यूकोरमाइकोसिस के मामले बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया है कि, ‘‘राज्य के विभिन्न हिस्सों में अब तक उपचार कराने वाले ऐसे 200 मरीजों में से आठ की म्यूकोरमाइकोसिस, जिसे काला कवक (Black Fungus) भी कहा जाता है, की वजह से मौत हो गई है। ये लोग कोविड-19 से बच गए थे, लेकिन कवक संक्रमण ने उनकी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला किया जो जानलेवा साबित हुआ।”

    कर्नाटक सरकार ने मांगी जानकारी 

    कर्नाटक सरकार ने देश में कोविड-19 रोगियों में पाए जा रहे काले फंगस के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानकारी मांगी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बुधवार को यह जानकारी दी। सुधाकर ने चिकबालापुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ”मैंने तकनीकी सलाहकार समिति तथा चिकित्सकों के साथ चर्चा कर काले फंगस के बारे में दो दिन में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिये कहा है। उसके आधार पर कोई निर्णय लिया जाएगा।”

    नम सतहों पर पाया जाता  म्यूकोरमाइकोसिस रोग

    नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने बीते शुक्रवार को कहा था कि, म्यूकोरमाइकोसिस रोग म्यूकर नाम के कवक की वजह से होता है जो नम सतहों पर पाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि जब कोविड-19 मरीज को ऑक्सीजन प्रणाली पर रखा जाता है तो उसमें वायु को नम रखनेवाला जलयुक्त उपकरण लगा होता है, ऐसी स्थिति में मरीज के कवक संक्रमण की चपेट में आने का जोखिम बढ़ जाता है।