Nitin Gadkari Birthday: Nitin Gadkari is kind hearted and a reliable politician: Supriya Sule

    नई दिल्ली: केंद्रीय परिवहन और उद्योग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) के जन्मदिन (Birthday) उन्हें देश के कई बड़े लीडर्स बधाई दे रहे हैं। ऐसे में सासंद और वरिष्ठ एनसीपी नेता सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने नितिन गडकरी को बधाई दी। उन्होंने कहा, देश के राजनीतिक क्षेत्र में इन दिनों जो नाम भरोसेमंद जान पड़ते हैं, उनमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नाम बहुत ऊपर है। बावजूद इसके जब भी वे फुर्सत के क्षण पाते हैं, तो कभी नागपुर शहर में स्कूटर पर घूमते, कभी कार्यकर्ताओं के साथ दिल खोल कर हंसते-बोलते, तो कभी चटखारे लेकर नागपुरी चाट का स्वाद लेते दिखाई पड़ सकते हैं। इन क्षणों में मंत्री होने अथवा नेता होने की शान उनके आड़े कभी नहीं आती। यह ठीक है कि हमारे और उनके राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन आदरणीय पवार साहेब से प्रेरणा लेने की बात भी नितिन गडकरी खुलेआम बिना किसी संकोच के कह डालते हैं। जब नितिन गडकरी सार्वजनिक मंच से यह घोषणा करते हैं कि उनके पसंदीदा नेताओं में पवार साहेब का स्थान बहुत ऊपर है, तब उनका बड़प्पन अपने आप ही सबके सामने व्यक्त होता है।

    माननीय नितिन गडकरी जी का नाम लेते ही एक साफ दिल का, मन खोलकर बात करने वाला हंसमुख व्यक्तित्व हमारी नजरों के सामने आता है।वे हमेशा स्पष्ट बोलते हैं। उनके व्यवहार में, बातचीत में एक खास वैदर्भीय अंदाज है। जो उनके संपूर्ण व्यक्तित्व और स्वभाव में सहज रूप से दिखाई पड़ता है। एकदम पारदर्शक स्वभाव और दिलदार व्यक्तित्व का दूसरा नाम है गडकरी साहेब। उनकी भाषा में एक खास जादू है, जो दूसरों को खासकर सर्व सामान्य लोगों को उनकी ओर आकर्षित करता है. लोगों को उनके साथ जोड़े रखने का रसायन तैयार करता है। उनकी बातों में भले ही कठोर स्पष्टता होती है, लेकिन बावजूद इसके उसमें अपनापन भी साफ झलकता है।

    संघ परिवार में सबसे ‘अलग’

    नितिन जी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय जिस नागपुर में है, उस नागपुर के सांसद हैं। पर उनके घर पर सभी पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। लोगों के काम करते वक्त कोई विचारधारा, कोई पार्टी अथवा किसी संगठन की दीवारें उनके आड़े नहीं आती। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवार से हैं परंतु परिवार में वे सबसे ‘अलग’ हैं। वे अनेक लोगों के विरोधी हैं या हो सकते हैं परंतु शत्रु कभी भी किसी के नहीं है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। संघ के विजयादशमी संचालन में हर बार शामिल होते हैं। अपनी एक विशेष विचारधारा से संबंधित हैं, यह बात उन्होंने कभी छुपाई नहीं, लेकिन बिना वजह इसका दिखावा भी नहीं किया।नितिन गडकरी जी की लोकप्रियता खुद की मेहनत से बड़ा बनने वाले नेता की है। उनका यह ‘अलगपन’ संघ और बीजेपी के वर्तुल में तो सभी लोग मान्य करते ही हैं, परंतु उनके जो कट्टर विरोधी हैं, वह भी इन्हीं गुणों के कारण उनका सम्मान करते हैं।

    पिछले अनेक वर्षों से हम संसद में साथ-साथ काम कर रहे हैं. संसद के कामकाज की व्यस्तताओं के बीच सुपारी या चॉकलेट का आदान-प्रदान सांसदों में चलता रहता है। ऐसे ही एक बार लंबे समय तक लोकसभा का कामकाज चल रहा था। लग रहा था सभी थक चुके हैं। गडकरी साहब ने मेरी तरफ देखा और मुझे ऐसा महसूस हुआ कि उन्हें सुपारी वगैरह कुछ चाहिए। मैंने उन्हें मेरे पास जो सुपारी की डिब्बी थी, वह भिजवाई. जब उन्होंने मुझसे उस डिब्बी की तारीफ की तो मैंने वह डिब्बी उन्हें उपहार में दे दी। उसके बाद से जब कभी हम संसद परिसर में मिलते हैं, तब-तब बिना किसी हाय-हैलो के गडकरी साहेब मुझे वह डिब्बी ही दिखाते हैं।

    कुटुंब वत्सल

    गडकरी साहेब कुटुंब वत्सल हैं। पारंपरिक भारतीय कुटुंब व्यवस्था की विरासत को आगे ले जाने वाला उनका कुटुंब है। हम सिर्फ नेता नहीं पालक भी हैं, यह भाव हमेशा उनके साथ रहता है। सभी पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के उनके साथ पारिवारिक और आत्मीय संबंध हैं।गडकरी जी भी इन संबंधों को पूरी आत्मीयता से निभाते हैं। उनके घर जब कोई कार्यक्रम होता है, तो सभी पार्टियों के नेताओं को बिना भूले निमंत्रण भेजा जाता है और सभी पार्टियों के नेता गडकरी जी के प्रेम की खातिर उनके पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में यह जो एकजुटता की संस्कृति है, उसका वे पूरे मन से पालन करते हैं. हमारे और उनके राजनीतिक वाद और विरोध हैं, बिल्कुल हैं।दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के साथ भी थे। परंतु पवार-ठाकरे-गडकरी इनके बीच शत्रुता कभी जन्मी नहीं।

    मोदी सरकार में सबसे लोकप्रिय मंत्री

    गडकरी जी सभी पार्टियों के सांसदों के अपने मंत्रालय से संबंधित काम बिना किसी राजनीतिक अड़चन के करते हैं। उनसे कहे गए काम को बारीकी से ध्यान में रखते हैं। यही वजह है कि वर्तमान सरकार में गडकरी साहेब सबसे लोकप्रिय मंत्री हैं। समस्या चाहे जो भी हो, नितिन गडकरी हमेशा उस समस्या का समाधान ढूंढने की मानसिकता में होते हैं। यही वजह है कि वह किसी भी टीम में हों, हमेशा उत्तम खिलाड़ी साबित होते हैं।वह परिस्थिति पर प्रतिक्रिया नहीं, प्रतिसाद देते हैं। कभी स्तरहीन बयानबाजी नहीं करते और अच्छे कामों की तारीफ करने में कंजूसी भी नहीं करते। इस साल अनेक परेशानियों भरे इस वक्त में राज्य के वित्त मंत्री माननीय अजीत दादा पवार ने महाराष्ट्र का बजट उत्तम तरीके से प्रस्तुत किया. इसके लिए गडकरी जी ने सार्वजनिक रूप से अजीत दादा की तारीफ की। गडकरी जी की यह भावना है कि यदि समाज में अगर कुछ अच्छा करना है, सकारात्मक करना है तो हर बार नफे और नुकसान का गणित नहीं लगाया जा सकता।

    समस्याओं का तत्काल समाधान

    मैं हमेशा उन्हें पुणे से सातारा हाईवे के काम याद दिलाती रहती हूं। इसके बारे में तमाम छोटी-छोटी बातें भी उनके ध्यान में रहती है। वे उनके बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं। जो कमियां रह गई, उन्हें भी स्वीकार करते हैं. तत्काल अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर उन कमियों को ठीक भी करते हैं। एक बार लोकसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान मैंने उनसे इसी रास्ते के संदर्भ में प्रश्न पूछा, इस रास्ते का काम लंबे समय से रुके होने की शिकायतें आ रही थी। प्रश्न सीधे उनके मंत्रालय से और राज्य से संबंधित था। ऐसे में मैं यह जानने के लिए उत्सुक थी कि वह इस प्रश्न पर क्या प्रतिसाद देते हैं। मेरा प्रश्न खत्म होते ही गडकरी जी उत्तर देने के लिए खड़े हुए और मेरे सवाल में उठाए गए मुद्दों का उन्होंने बिंदुवार जवाब दिया।उनके विभाग से जो कमियां रह गई थी उन्हें स्वीकार भी किया। कमियों को दूर करने का आदेश भी उन्होंने वही खड़े-खड़े ही दिया। इतना ही नहीं मैंने अपने प्रश्न में जिन मुद्दों को नहीं छुआ था, उन पर भी उन्होंने स्थिति साफ की और उन मुद्दों का भी समाधान वहीं का वहीं  किया। यह सिर्फ मेरा अकेले का अनुभव नहीं है, लोकसभा में मेरे वरिष्ठ सहयोगी सातारा के सांसद श्रीनिवास पाटील साहब का भी यही अनुभव है। उन्होंने उनके चुनाव क्षेत्र के एक पुल से संबंधित विषय लोकसभा में उपस्थित किया और गडकरी साहेब ने वहीं के वहीं  जवाबदारी निश्चित कर यह विषय त्वरित गति से हल किया।

    कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर

    नागपुर के बारे में ही एक उदाहरण दिया जा सकता है। दिवंगत कविवर्य सुरेश भट प्रगतिशील विचारों के थे। संघ परिवार के विचारों और कृतियों पर जमकर टीका टिप्पणी करते थे, लेकिन आज इसी नागपुर शहर में कविवर्य सुरेश भट के नाम पर एक आधुनिक उत्तम सभागृह गडकरी साहेब ने बनवाया है। इसका एक ही कारण है कि गडकरी साहेब कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं। अपने विरोधियों की अच्छाइयों, खूबियों और सृजनशीलता को सरहाने जितना बड़ा दिल और बड़प्पन उनके पास है। इन दिनों कोरोना महामारी का प्रादुर्भाव हर तरफ शुरू है। इसी संदर्भ में उन्होंने हाल ही में अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए दिए भाषण में कार्यकर्ताओं से केवल सेवा भाव रखते हुए लोगों के लिए काम करने की अपील की थी। इस भाषा में उन्होंने कुछ बातें खरी-खरी भी सुनाई। यही उनके उनके स्वभाव की विशेषता है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि कोरोना का काल है। इस काल में राजनीति मत करो। उनके भाषण का मन को छू जाने वाला प्रसंग वह था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से खुद को और उनके परिवार को संभालने की अपील की थी। जब वह यह बात कह रहे थे उनके चेहरे पर कार्यकर्ताओं के प्रति चिंता और अपनापन स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहा था। कार्यकर्ताओं को अपना कुटुंब और अपने घर का व्यक्ति मानने वाला यह नेता इतना लोकप्रिय क्यों है, इसका उत्तर उनके इस भाषण में था. महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय यशवंतराव जी चव्हाण के शब्दों में अगर कहा जाए तो 80% समाज कार्य और 20% राजनीति की भूमिका में नेताओं को हमेशा रहना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण विचार है। महाराष्ट्र में इसी विचार से संगत व्यापक भूमिका अख्तियार कर काम करने वाले नेताओं में एक नाम नितिन गडकरी जी का लिया जा सकता है। उनका यही स्वभाव उन्हें दूसरों से अलग दिखाता है, इसीलिए वह राजनीति के क्षेत्र में अजातशत्रु नेता है।

    माननीय नितिन गडकरी साहेब को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं!!!      

    – सुप्रिया सुले

    सासंद एवं वरिष्ठ नेता एनसीपी