नित्यानंद ने भी बसा लिया है अपना “कैलासा”

नयी दिल्ली, दुष्कर्म के वांछित और विवादों के चलते भगोड़े स्वयंभू बाबा नित्यानंद के बारे में एक नया खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार उसने अमेरिकी महाद्वीप में त्रिनिदाद और टोबैगो के पास इक्वाडोर के पास

नयी दिल्ली, दुष्कर्म के वांछित और विवादों के चलते भगोड़े स्वयंभू बाबा नित्यानंद के बारे में एक नया खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार उसने अमेरिकी महाद्वीप में त्रिनिदाद और टोबैगो के पास इक्वाडोर के पास एक द्वीप पर अपना खुद का एक देश ही बसा लिया है।माना जा रहा है इसका नामांकरण उसने ‘कैलासा’ किया है। हालाँकि इसकी कोई स्पष्ट रिपोर्ट या जानकारी अभी नहीं है। 

कौन है नित्यानंद ?
विदित हो कि कर्नाटक में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में भी नित्यानंद वांछित है। वहीं गुजरात के आश्रम में लड़कियाें के शाेषण और छोटे बच्चाें काे बंधक बनाकर रखने के मामले में भी पुलिस उसकी सरगरमी से तलाश रही है। बताया ये भी जाता है कि वह नेपाल के रास्ते त्रिनिदाद भागा था। उस पर ये भी आरोप है कि अपना आश्रम चलाने के लिए वह बच्चों का अपहरण कर फिर उनसे श्रद्धालुओं से चंदा जुटाने के लिए मजबूर करता था। पुलिस ने इस मामले में उसकी दो अनुयायियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है। 
 
खबर तो ये भी है कि नित्यानंद इस नए देश की वेबसाइट भी बना ली है। वेबसाइट पर यह दावा भी किया गया है कि ‘कैलासा बिना सीमाओं का देश है जिसे दुनियाभर से बेदखल हिंदुओं ने बसाया है’। वेबसाइट पर कैलासा को महानतम हिंदू राष्ट्र भी बताया जा रहा है।आपको ये भी बता दें कि कर्नाटक पुलिस के मुताबिक, नित्यानंद 2018 के अंत में जमानत का फायदा उठाते हुए देश से भाग गया था और उसका पासपोर्ट भी सितंबर 2018 में खत्म हो चुका है।


कैलासा और इसकी वेबसाइट 
‘कैलासा’ के आधिकारिक वेबसाइट पर बहुत सारी जानकारी दी गयी है।जैसे, यह एक महान हिंदू राष्ट्र है और हिंदुओं की विरासत को संरक्षित और विकसित करने के लिए प्रयत्नशील है। इतना ही नहीं नित्यानंद ने इस प्राइवेट आइलैंड पर बसाये गए अपने अलग देश के लिए काल्पनिक राष्ट्रीय झंडा, राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय फूल, राष्ट्रीय वृक्ष आदि भी घोषित कर रखें हैं। नित्यानंद ने अपने इस देश की कथित वेबसाइट पर नियम, क़ानून, संविधान और एडमिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर की भी जानकारी दे राखी है ।
 
वहीं अख़बार "द हिंदू" की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ नित्यानंद ने इस आइलैंड को ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित किया है। वहीं वेबसाइट पर बतौर सार्वजनिक घोषणा के जरिए ‘महानतम हिंदू राष्ट्र’ कैलासा की नागरिकता हासिल करने के लिएदान/चंन्दे के लिए भी आह्वान किया है । वेबसाइट के अनुसार ये भी प्रचार किया जा रहा है कि कैलासा एक गैर-राजनीतिक राष्ट्र है। इसका विजन पूरी तरह से मानवता पर आधारित है। यह देश हिंदू धर्म पर आधारित संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए समर्पित है, जो कभी अफगानिस्तान, भारत, नेपाल, बर्मा, श्रीलंका, सिंगापुर, मलेशिया, कंबोडिया और इंडोनेशिया समेत पूरे एशिया महाद्वीप के 56 से ज्यादा देशों में फैला था। कैलासा शांतिपूर्ण, संप्रभु, सेवा-उन्मुख है और एक क्षेत्र के बजाय एक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है।इसकी जड़ों में एकता के मूल सिद्धांत निहित हैं। यहां लोग शांति और सद्भाव के साथ रह सकते हैं।
 
कैलासा और इसके पासपोर्ट 
अगर पासपोर्ट के बारे में जानकारी लें तो, ‘कैलासा’ के लिए पासपोर्ट के दो संस्करणों को अंतिम रूप दिया गया है, एक सुनहरे रंग का और दूसरा लाल। झंडे का रंग मैरून है और इस पर दो प्रतीक हैं- एक सिंहासन पर नित्यानंद और दूसरा एक नंदी है। नित्यानंद ने अपने ‘देश’ के लिए एक कैबिनेट भी बनाई है और अपने एक करीबी अनुयायी ‘मॉं’ को प्रधानमंत्री नियुक्त किया है । वही वेबसइट की अपनी सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी, एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी, एडमिनिस्ट्रेटिव टीम, फुल टाइम ऑफिसर, पार्ट टाइम वॉलेंटियर और एडवाइजर भी है।
 
कुल मिला के नित्यानंद ने अपनी एक नयी सत्ता भी बना ली है जो अद्भुत और अकल्पनीय है। ये भी प्रासंगिक है कि किस तरह एक दुष्कर्मी और विभिन्न अपराधों के लिए वांछित अपराधी धर्म का चोंगा ओढ़ कर लोगो को बेवकूफ बना रहा है और सरकार, कोर्ट और कानून मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है।