निजामुद्दीन में एक ही जगह 200 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण, 6 की मौत, 24 पॉजिटिव

नई दिल्ली. दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकजमें एक धार्मिक सम्मेलनमें शामिल200 लोगों में कोरोनावायरस के लक्षण देखे गए है। जिसके बाद सभीके नमूने COVID-19 टेस्ट के लिए भेजे

नई दिल्ली. दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज में एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल 200 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण देखे गए है। जिसके बाद सभी के नमूने COVID-19 टेस्ट के लिए भेजे गए जिसमें से 24 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद सोमवार को इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। इस इलाके की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।   

जानकारी के अनुसार 1 से 15 मार्च तक नई दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके के मरकज में आयोजित धार्मिक सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में करीब 2000 लोग शामिल हुए थे। इसमें इंडोनेशिया और मलेशिया के लोग भी शामिल थे। इस सम्मलेन में शामिल 200 लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण देखे गए। जिसके बाद पुलिस ने पुरे इलाके की घेराबंदी कर ली। वहीं दूसरी ओर इस सम्मलेन में शामिल 6 लोगों की मौत हो चुकी है। यह सभी तेलंगाना के निवासी थे। 

साउथ ईस्ट के डीसीपी आरपी मीणा ने कहा कि, "प्राधिकारियों की अनुमति के बिना एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए थे। ये सभी बांग्लादेश, श्रीलंका आदि देशों के बताए जा रहे हैं।"

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘जब हमें पता चला कि इस तरह का आयोजन किया गया था, तो हमने उन्हें कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के तहत निषेधाज्ञा और लगायी गई पाबंदियों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस दिया।" 

उक्त 200 लोगों के नमूने COVID-19 टेस्ट के लिए भेज दिए गए है। जिसमें से 24 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। बाकी लोगों की रिपोर्ट मंगलवार को आ सकती है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस, CRPF की मेडिकल टीमें लोगों की जांच कर रही हैं और उन्हें पृथक रखने के लिए निर्धारित अस्पतालों में भेज रही हैं।

 उल्लेखनीय है कि पिछले हप्ते श्रीनगर में 60 साल के व्यक्ति की कोरोना वायरस से मौत हो गई थी। इस व्यक्ति ने इज्तिमे में भाग लिया था। इज्तिमे में सऊदी अरब, इंडोनेशिया, दुबई, उज्बेकिस्तान और मलेशिया सहित कई देशों के प्रचारकों ने भी भाग लिया था। साथ ही इसमें भारत के लगभग 600 लोगों ने भी भाग लिया था।