Now indigenous video conferencing solutions will be like Zoom and GoogleMeet

नयी दिल्ल. भारत सरकार ने अब देश में ही  मेक-इन-इंडिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाधान विकसित करने हेतु  Zoho और तकनीकी दिग्गज HCL टेक्नोलॉजीज सहित दस कंपनियों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है। जिससे अब देश में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समाधान विकसित करने के लिए  मेक-इन-इंडिया कि तरफ से यह अनूठा समन्वय है। 

खबर के अनुसार ये कंपनियां Zoom, Google Hangouts, Microsoft सरीखे कंपनियों के समान उत्पाद का प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए सरकार से 5 लाख रूपए का अनुदान प्राप्त करेंगी। चूँकि यह चयन का पहला दौर है और इसके बाद, सरकार उत्पाद के निर्माण के लिए 10 में से तीन स्टार्टअप को शॉर्टलिस्ट करेगी। ये तीनो  स्टार्टअप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म के निर्माण के लिए 20 लाख रूपए सरकार से  प्राप्त करेंगे।

Zoho और HCL Technologies के अलावा, अन्य चुनी हुई कंपनियाँ PeopleLink, Aria Telecom, CyberHorizon Corp, Instrive Softlabs, PeopleLink Unified Communications Sarv Webs, Soulpage IT Solutions, Techgentsia Software Technologies और Data ingenious हैं।

वहीं तीसरे राउंड के बाद, सरकार सबसे अच्छे  प्रोटोटाइप का चयन करेगी जिसे सरकार की तरफ से अंतिम अनुबंध मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह अनुबंध  चार वर्षों का होगा है। यह भी कहा जा रहा है कि पहले वर्ष में सरकार, चयनित स्टार्टअप को एक करोड़ रूपए  का भुगतान कर सकती है , जबकि इसके अतिरिक्त 10 लाख रुपये  कंपनी को अगले तीन वर्षों तक  संचालन और रखरखाव के लिए दिया जाएगा। वहीं कंपनी दूसरों को भी यह समाधान बेच सकती है।

यह परियोजना आईटी मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था, जिसे  पिछले महीने सरकार द्वारा भी इसे हरी झंडी दी  गई थी। इसके साथ, भारत सरकार सॉफ्टवेयर उत्पादों पर राष्ट्रीय नीति के तहत, स्वदेशी सॉफ्टवेयर उत्पादों को बढ़ावा देना चाह रही है। इस बीच, सरकार अलग से अपना खुद का  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म भी बना रही है। जिसके तहत सरकार ने सरकारी अधिकारियों, न्यायपालिका और जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाले सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DoT) को एक सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने की जिम्मेदारी दी है।