जब प्रधानमंत्री मोदी की एक अपील पर रुक गया था भारत, जनता कर्फ्यू को एक साल हुए पूरे

    नई दिल्ली: कोरोना (Coronavirus Pandemic) का संकट अभी देश में खत्म नहीं हुआ है। भारत (India) सहित पूरी दुनिया कोरोना से लड़ रही है। पिछले साल 19 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों से एक अपील की थी। मोदी की इस अपील का असर यह हुआ था कि पूरा देश एक जगह पर रुक गया था। हर जगह सिर्फ सन्नाटा ही दिख रहा था। आज जनता कर्फ्यू को एक साल पूरा हो गया है।  

    बता दें कि पिछले साल 30 जनवरी को कोविड-19 का पहला मामला भारत में सामने आया था। इस दौरान किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह बीमारी इतना भयानक रूप ले लेगी। धीरे-धीरे यह बीमारी बढती गई और आखिरकार केंद्र को सख्ती दिखानी पड़ी। सर्व प्रथम पीएम नरेंद्र मोदी ने ही देश में 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू लगाया था।  

    पीएम ने क्या कहा था?

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के खतरे को सामने रखा था और सभी से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की थी। पीएम की इस अपील को लोगों ने माना था।  

    वहीं जनता कर्फ्यू के समय कुछ नियमों का पालन करने की अपील की गई थी। जिसके तहत सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक लोगों को घर के भीतर रहना था। बाजार, दूकान, दफ्तर, स्कूल-कॉलेज सहित सभी चीजों को बंद किया गया था। हालांकि इस दौरान बहुत जरुरी सेक्टर से जुड़े लोगों को ही काम पर जाने की अनुमति दी गई थी।