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    नयी दिल्ली. देश में जहाँ पेट्रोल-डीजल (Petrol- Diesel) दामों से आम जनता हलकान हो रही है। वहीं इनके दामों के कम करने के सवाल को देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण  इसे धर्मसंकट में डालने वाला सवाल बता रही है तो वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री (Union Petroleum Minister) धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि तेल उत्पादक देशों द्वारा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण देश में फिलहाल पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स महंगे हो रहे हैं। अपने देश के हित में अधिक लाभ कमाने के लिए, कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाले देश अभी कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रहे हैं।

    निर्मला सीतारमण बोलीं धर्मसंकट में डालने वाला सवाल:

    गौरतलब है कि बीते गुरूवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने कहा है कि, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने कहा है कि, “केंद्र (Central) और राज्य सरकारों (State Government) को पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) पर करों को कम (Tax Decrees) करने के लिए आपस में बात करनी चाहिए। हाल के समय में वाहन ईंधन कीमतें ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। उपभोक्ताओं पर बढ़े दामों के बोझ को कम करने के लिए केंद्र और राज्यों को बात करनी चाहिए।”

    यह भी पूछे जाने पर कि क्या केंद्र उपभोक्ताओं को ऊंची कीमतों से राहत के लिए उपकर या अन्य करों को कम करने पर विचार कर रहा है, इस पर सीतारमण ने कहा था कि इस सवाल ने उन्हें ‘धर्म-संकट’ में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह तथ्य छिपा नहीं है कि इससे केंद्र को राजस्व मिलता है। राज्यों के साथ भी कुछ यही बात है। ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि उपभोक्ताओं पर बोझ को कम किया जाना चाहिए।”

    इससे पहले बीते बुधवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा था कि पेट्रोल और डीजल पर करों को कम करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई की जरूरत है। 

    ऐसे हो सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें आधी:

    इधर इस मुद्दे पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कुछ दिन पहले कहा था कि उनका मंत्रालय GST काउंसिल से पेट्रोलियम उत्पादों को अपने दायरे में शामिल करने का लगातार अनुरोध कर रहा है, क्योंकि इससे लोगों को फायदा होगा। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी पहले ही कुछ ऐसे ही संकेत दे चुकी हैं। पेट्रोलियम मंत्री के सुझावों पर अगर GST परिषद अमल करती है तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आधी हो जाएगी। 

    गौरतलब है कि प्रधान ने तेल उत्पादक देशों के संदर्भ में कहा था, आप कीमतों में बढ़ोतरी नहीं कर सकते क्योंकि यह इम्पोर्ट करने वाले देशों को यह बहुत प्रभावित करता है। खराब मौसम के कारण, पिछले दो-तीन हफ्तों में अमेरिका में उत्पादन धीमा हो गया है। इस पर प्रधान ने कहा था कि उन्हें कुछ दिन में स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

    बता दें कि कि अमेरिका और UK जैसे देशों में सर्दी (Severe winter storm) का प्रकोप फिलहाल अभी कुछ ढलान पर है। इसी सप्ताह आए तेज विंटर स्टोर्म(Severe winter storm) की वजह से टैक्सास में कच्चे तेल का प्रोडक्शन जो कुछ हद तक प्रभावित हुआ था, वह भी अब धीरे धीरे सामान्य हो चला है। जिसके चलते आज भी पेट्रोल-डीजल दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।