टीएमसी संसद में पेट्रोल-डीजल के दाम और कोविड-19 सहित किसान आंदोलन के मुद्दे उठाएगी

    कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान ईंधन की कीमतों में वृद्धि, कोविड-19 से कथित तौर पर सही से नहीं निपट पाने और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेरने की संभावना है। 

    टीएमसी के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। संसद का सत्र 19 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। लोकसभा में पार्टी के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी, कोविड-19 से सही से नहीं निपटने, कृषि कानूनों और संघीय ढांचे को कमजोर करने के प्रयासों का मुद्दा उठाएंगे।” 

    उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र की कई जनविरोधी नीतियों का खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। हम उन मुद्दों को उठाएंगे।” मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 22 और राज्यसभा में 11 सदस्य हैं। इस सत्र के दौरान पार्टी शिशिर अधिकारी और सुनील मंडल को अयोग्य ठहराने पर भी जोर देगी, जो टीएमसी सांसद चुने गए थे लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए। टीएमसी के एक अन्य नेता ने बताया, ‘‘हम इस सत्र के दौरान उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।” (एजेंसी)