pm-narendra-modi-light-swarnim-vijay-mashaal-on-50th-anniversary-of-1971-india-pakistan-war-bangladesh-liberation | PM मोदी वॉर मेमोरियल पहुंचे, 1971 युद्ध के शहीदों को दी श्रद्धांजलि | Navabharat (नवभारत)
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अंतिम अपडेटDecember, 16 2020

PM मोदी वॉर मेमोरियल पहुंचे, 1971 युद्ध के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

ऑटो अपडेट
द्वारा- Rahul Goswami
कंटेन्ट राइटर
09:57 AMDec 16, 2020

PM मोदी ने की स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्जवलित

राष्ट्रीय समर स्मारक पर PM नरेंद्र मोदी ने सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के बाद 4 स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्जवलित की. इन मशालों को अब देश के अलग अलग कोनों में ले जाया जाएगा. इससे पहले PM मोदी जब सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि दे रहे थे तो उस समय राजपथ पर लड़ाकू विमानों ने फ्लाई पास्ट भी किया.

09:51 AMDec 16, 2020

PM मोदी पहुंचे वॉर मेमोरियल

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'राष्ट्रीय समर स्मारक' में 1971 युद्ध के नायकों को श्रद्धांजलि दी. PM मोदी यहां कुछ देर पहले पहुंचे. यहां पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें रिसीव किया. इसके बाद PM मोदी ने 1971 युद्ध के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर 1971 युद्ध के सैनिक भी यहां मौजूद हैं.

09:45 AMDec 16, 2020

स्वर्णिम विजय वर्ष के Logo का अनावरण रक्षा मंत्री द्वारा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'राष्ट्रीय समर स्मारक' पहुंचे और उन्होंने 'स्वर्णिम विजय वर्ष' के लोगो (Logo) का भी अनावरण किया. इसी के साथ पूरे साल तक चलने वाले स्वर्णिम विजय वर्ष समारोह की शुरुआत अब हो गई है.

09:12 AMDec 16, 2020

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने किया है ट्वीट

09:10 AMDec 16, 2020

आज PM मोदी करेंगे स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्जवलित

नयी दिल्ली. आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) नई दल्ली (New Delhi) स्थित नेशनल वार मेमोरियल (National Wall Memorial) में स्वर्णिम विजय मशाल को प्रज्जवलित करेंगे और इसके बाद साल भर चलने वाले अनेक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। गौरतलब है कि 1971 के संघर्ष में करारी हार झेलने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) के 93 हजार सैनिकों को भारत (India) के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा था। इस भयंकर युद्ध के 50 साल पूर्ण होने के मौके पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

क्यों मनाते हैं ‘विजय दिवस’:

दरअसल 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के आज 50 साल पूरे हो गए हैं। विदित हो कि ये वही युद्ध था जिसके नतीजे के चलते फिर दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश (Bangladesh) नाम के नए राष्ट्र का उदय हुआ। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान कसबल ढीले कर दिए थे। इसी पाकिस्तान के खिलाफ जंग में जीत और बांग्लादेश की आजादी के बाद से भारत आज का दिन यानी 16 दिसंबर को ‘विजय दिवस’ के तौर पर मनाता रहा है।

क्या है आज के कार्यक्रम:

इस कार्यक्रम के तहत आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक में PM नरेंद्र मोदी के अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, और तीनों सेनाओं के चीफ मौजूद रहेंगे। यहां PM मोदी 4 स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्जवलित करेंगे। इसके बाद इन मशालों को देश के अलग अलग कोनों में ले जाया जाएगा। इनमें 1971 युद्ध के परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेता सैनिकों के गांव भी शामिल हैं।  

क्या है  ‘फॉल ऑफ ढाका’

गौरतलब है कि साल 1971 के इस युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद दुनिया के सैन्य इतिहास में कई बड़े रिकॉर्ड बने। इस लड़ाई को हारने के बाद पाकिस्तान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे ज्यादा सैनिकों के साथ सरेंडर करने वाला देश बना। जहाँ यह युद्ध 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ और 16 दिसंबर 1971 को इसका अंत हुआ। सैन्य इतिहास में इस रक्तिम युद्ध को ‘फॉल ऑफ ढाका’ के नाम से भी जाना जाता है।  

 

 

 

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