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जबतक जनता में आत्मविश्वास पैदा नहीं होता, तबतक वो आजादी के लिए खड़ी कैसे हो सकती था? इसलिए, साउथ अफ्रीका से लेकर चंपारण और साबरमती आश्रम तक, उन्होंने स्वच्छता को ही अपने आंदोलन का बड़ा माध्यम बनाया

नई दिल्ली: स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजघाट पर राष्‍ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए देश को गंदगी से दूर करने और स्वच्छ रखने के लिए नया नारा दिया. प्रधानमंत्री ने कहा, “आज का दिवस हिन्दुस्तान के इतिहास में ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का है, हम अभियान चला रहे हैं ‘गंदगी भारत छोड़ो’.”

राष्ट्र पिता को 130 करोड़ भारतीयों की श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने कहा, “आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है. देश की आजादी में आज की तारीख यानि 8 अगस्त का बहुत बड़ा योगदान है. आज के ही दिन, 1942 में गांधी जी की अगुवाई में आज़ादी के लिए एक विराट जनांदोलन शुरू हुआ था, अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा था.” उन्होंने कहा, “ऐसे ऐतिहासिक दिवस पर, राजघाट के समीप, राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का लोकार्पण अपने आप में बहुत प्रासंगिक है. ये केंद्र, बापू के स्वच्छाग्रह के प्रति 130 करोड़ भारतीयों की श्रद्धांजलि है, कार्यांजलि है.”

मोदी ने आगे कहा, “राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र, गांधी जी के स्वच्छाग्रह और उसके लिए समर्पित कोटि-कोटि भारतीयों के विराट संकल्प को एक जगह समेटे हुए है. इस केंद्र में सत्याग्रह की प्रेरणा से स्वच्छाग्रह की हमारी यात्रा को आधुनिक टेक्नॉलॉजी के माध्यम से दर्शाया गया है, दिखाया गया है.” 

स्वराज सिर्फ साहसी और स्वच्छ जन ला सकते

गांधी जी कहते थे “स्वराज सिर्फ साहसी और स्वच्छ जन ही ला सकते हैं.” स्वच्छता और स्वराज के बीच के रिश्ते को लेकर गांधी जी इसलिए आश्वस्त थे क्योंकि उन्हें विश्वास था कि गंदगी अगर सबसे ज्यादा नुकसान किसी का करती है, तो वो गरीब है.

प्रधानमंत्री मोदी

उन्होंने कहा, “जबतक जनता में आत्मविश्वास पैदा नहीं होता, तबतक वो आजादी के लिए खड़ी कैसे हो सकती था? इसलिए, साउथ अफ्रीका से लेकर चंपारण और साबरमती आश्रम तक, उन्होंने स्वच्छता को ही अपने आंदोलन का बड़ा माध्यम बनाया.”

गंगा सामान अन्य नदियों को गंदगी मुक्त करने का अभियान 
प्रधानमंत्री ने इस दौरान नदियों की स्वछता को लेकर कहा, “जैसे गंगा जी की निर्मलता को लेकर हमें उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं, वैसे ही देश की दूसरी नदियों को भी हमें गंदगी से मुक्त करना है. यहां पास में ही यमुना जी है. यमुना जी को भी गंदे नालों से मुक्त करने के अभियान को हमें तेज़ करना है.”