siddhu

  • क्या पंजाब कांग्रेस की जंग में आ सकता एक नया मोड़ ?

नयी दिल्ली. जहाँ एक तरफ पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में चल रही कलह के बीच आज यानी शुक्रवार को विधायक नवजोत सिद्धू (Navjot Singh Siddhu) दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही वे आज पार्टी की अंतरिम प्रधान सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से उनके आवास पर जाकर भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत (Harish Rawat) भी उनके साथ मौजूद होंगे। इससे ऐसा यह भी कयास लगाया जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद सिद्धू शायद कोई बड़ा फैसला लेंगे। वहीं सूत्रों की मानें तो सिद्धू कल रात भर नहीं सोए और आज सुबह 6 बजे ही पटियाला से दिल्ली रवाना हो गए। वे सोनिया गांधी के बाद आज प्रियंका गांधी से भी मुलाकात करेंगे।

विदित हो कि इससे पहले बीते गुरुवार की शाम को सिद्धू को पार्टी का प्रदेश प्रधान बनाए जाने की खबरों से नाराज कैप्टन (Amrinder Singh) ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन कर कहा कि पंजाब में 2022 का विधानसभा चुनाव उन्हीं की नुमाइंदगी में ही लड़ा जाएगा। इसके साथ ही कैप्टन ने यह भी साफ़ किया कि पंजाब कांग्रेस का प्रधान भी उनकी मर्जी से ही बनना चाहिए। उन्होंने साथ ही सोनिया को यह भी आश्वासन दिया कि कांग्रेस फिर से पंजाब में पिछले विधानसभा वाले चुनाव का इतिहास दोहराएगी। 

लेकिन जब यही सिद्धू को चुनाव प्रचार समिति का प्रधान और कार्यकारी समिति का सदस्य बनाए जाने की बात चली तो उसके बाद सिद्धू भी बहुत खफा हो गए। इसके बाद क्रोधित  सिद्धू ने चंडीगढ़ पहुंचकर अपने समर्थक कैबिनेट मंत्री और विधायकों के साथ आगे की रणनीति तैयार की। इस बैठक में तय किया गया कि, रणनीति के तहत सिद्धू एक दो-दिन में ही आलाकमान से बात करेंगे, जिसके बाद ही कोई ठोंस निर्णय लिया जाएगा। फिर आज यानी शुक्रवार सुबह सिद्धू के दिल्ली जाने की बड़ी खबर आई।

इधर बीते गुरुवार को ही सियासी धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस प्रधान बनाए जाने की खबरों से कैप्टन अमरिंदर सिंह इतना नाराज हुए कि उनके इस्तीफे की ही खबर चलने लगी। लेकिन कुछ देर बाद ही खुद कैप्टन के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट कर उनके इस्तीफे की खबर का खंडन किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, आगामी 2022 का विधानसभा चुनाव कैप्टन के बेहतरीन नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।