Rahul gandhi and Indira Gandhi

    नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) द्वारा 1975 में देश में लगाई गई इमरजेंसी (Emergency) को गलत ठहराया है। लेकिन उसकी आड़ में उन्होंने भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) पर निशाना साधा है। राहुल गांधी मंगलवार को प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के एक वर्चुअल प्रोग्राम से जुड़े थे। इस प्रोग्राम में लोकतंत्र और विकास के विषयों पर सवाल-जवाब हुए। जहां उन्होंने इमरजेंसी और मौजूदा राजनीतिक हालात पर अपनी बात रखी।

    अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार प्रोफेसर कौशिक बसु के साथ हुए संवाद में राहुल गांधी ने कहा, “इमरजेंसी गलत थी, और मेरी दादी (इंदिरा गांधी) ने भी ऐसा कहा था। लेकिन जो अभी हो रहा है और जो उस समय हो रहा था, दोनों में काफी बड़ा फर्क है। अपनी गलती मान लेना साहस का काम होता है।”

    राहुल ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने कभी भी भारत के संवैधानिक ढांचे को हथियाने की कोशिश नहीं की। पार्टी का डिजाइन इसकी अनुमति नहीं देता है। अगर हम चाहें भी तो ऐसा नहीं कर सकते हैं।”

    कांग्रेस नेता ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, “आरएसएस जो कर रहा है, वह मौलिक रूप से कुछ अलग है। वह अपने लोगों से संस्थानों को भर रहा है। यहां तक कि अगर हम चुनाव में बीजेपी को हराते हैं, तो हम संस्थागत ढांचे में उनके लोगों से छुटकारा पाने के लिए अपने लोगों की भर्ती नहीं करेंगे।”

    राहुल गांधी ने आगे कहा, “मैं वह व्यक्ति हूं जिसने युवा संगठन और छात्र संगठन में चुनाव को आगे बढ़ाया और उसके लिए मीडिया में खुप आलोचना हुई। मुझे चुनाव करने के लिए सचमुच सूली पर चढ़ाया गया था। मुझ पर मेरी ही पार्टी के लोगों ने हमला किया।” 

    राहुल ने कहा, “मैं पहला व्यक्ति हूं जो कहता है कि पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक चुनाव बिल्कुल महत्वपूर्ण है, लेकिन मेरे लिए यह दिलचस्प कि बात है कि यह सवाल किसी अन्य राजनीतिक दल से नहीं पूछा जाता है। किसी ने नहीं पूछा कि भाजपा, बसपा और समाजवादी पार्टी में कोई आंतरिक लोकतंत्र क्यों नहीं है, लेकिन वे कांग्रेस के बारे में पूछते हैं क्योंकि एक कारण है। हम एक वैचारिक पार्टी हैं और हमारी विचारधारा संविधान की विचारधारा है, इसलिए हमारे लिए लोकतांत्रिक होना अधिक महत्वपूर्ण है।”